Wednesday, April 1, 2026
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वाराणसी कैंट विधानसभा,भाजपा का वर्चस्व तोड़ने के लिए बेचैन विपक्ष

1991 से दिग्गज नेता हरीश जी के परिवार का तिलिस्म कायम

चार—चार बार डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव और शतरूद्र प्रकाश रहे विधायक

वाराणसी (हि.स.)। वाराणसी लोकसभा का कैंट विधानसभा क्षेत्र (390) भी भारतीय जनता पार्टी का मजबूत किला माना जाता है। 1967 में गठित इस विधानसभा क्षेत्र में 1991 से 2017 तक लगातार भाजपा के वर्चस्व को तोड़ने के लिए बेचैन रहे विरोधी दल और उनके रणनीतिकारों का कोई भी हथकंडा कामयाब नहीं हुआ है। पिछले सात चुनावों से इस विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा के दिग्गज नेता रहे हरीश जी के परिवार का दबदबा और तिलिस्म कायम है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सौरभ श्रीवास्तव को 132,609 मत मिले थे। सौरभ श्रीवास्तव ने अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी कांग्रेस के अनिल श्रीवास्तव को 61,326 मतों से हराया था। तीसरे स्थान पर बसपा प्रत्याशी को 14118 मत मिला था। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वाराणसी में प्रवास और ऐतिहासिक रोड शो भाजपा के जीत के लिए वरदान से कम नही रहा।

इस विधानसभा क्षेत्र के गठन के बाद पहली बार भारतीय जनसंघ के वर्मेश्वर पांडेय ने विजय पताका फहराई थी। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लालबहादुर सिंह ने ये सीट जनसंघ से छीन ली। वर्ष 1974 में इस सीट पर भारतीय क्रांति दल के शतरुद्र प्रकाश जीते। फिर 1977 में भी शतरूद्र प्रकाश ने जनता पार्टी के टिकट पर सीट को बरकरार रखा। वर्ष 1980 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई) के मांडवी प्रसाद सिंह ने शतरूद्र प्रसाद को हरा दिया। इसके बाद 1985 में शतरूद्र प्रकाश ने लोकदल से लड़कर यह सीट कांग्रेस से छीन ली। वर्ष 1989 में फिर शतरूद्र प्रकाश ने जनता दल से लड़ इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा। वर्ष 1991 में भाजपा की ज्योत्सना श्रीवास्तव ने यह सीट शतरूद्र प्रकाश से छीन ली और इस पर भगवा ध्वज लहरा दिया। इसके बाद ये सीट श्रीवास्तव परिवार और भाजपा का अभेद्य दुर्ग बन गया। इस सीट पर 1993 में ज्योत्सना श्रीवास्तव भाजपा,1996- भाजपा (हरीश चंद्र उर्फ हरीश जी),2002- भाजपा (हरीश चंद श्रीवास्तव),2007- भाजपा (ज्योत्सना श्रीवास्तव),2012- भाजपा (ज्योत्सना श्रीवास्तव),2017- भाजपा (सौरभ श्रीवास्तव) जीते। इस विधानसभा सीट से सर्वाधिक चार बार भाजपा की डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव,चार बार शतरूद्र प्रकाश,दो बार हरीश जी विधायक रहे।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कैंट विधानसभा क्षेत्र में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के अन्तिम प्रकाशन तक पुरुष मतदाता 245665, महिला मतदाता 201850, थर्ड जेंडर मतदाता 36 सहित वोटरों की कुल संख्या- 447551 है। इस विधानसभा क्षेत्र में 6629 पुरुष, 6495 महिला, 02 थर्ड जेंडर सहित 13126 मतदाता बढ़े है। अभी ये संख्या नामांकन के पूर्व तक बढ़ सकती है। मिश्रित आबादी वाले इस विधानसभा क्षेत्र में मुसलमान,ब्राह्मण,बंगाली,कायस्थ,भूमिहार,राजपूत,बनिया,मौर्य, पटेल, जायसवाल,यादव,कनौजिया,गुजराती मतदाताओं की संख्या अधिक है। इस विधानसभा क्षेत्र में लल्लापुरा, सोनिया, काजीपुरा खर्द, सिद्धगिरी बाग छित्तूपुर, सिगरा, शिवपुरवा, महमूरगंज, तुलसीपुर, ककरमत्ता,नेवादा, भिखारीपुर, आदित्यनगर, चितईपुर, सुंदरपुर, सरायनंदन नरिया, सरायनंदन, गायत्रीपुर शुकुलपुरा, बृज इनक्लेब कॉलोनी, जोल्हा, बजरडीहा, देव पोखरी, पटिया,जक्खा, बजरडीहा, बजरडीहा गल्ला बाजार, शंकुलधारा खोजवां, शंकुलधारा, खोजवा, कमच्छा, डेवढ़ियावीर, भेलूपुर, रेवड़ीतालाब, रामापुरा, नईबस्ती, लक्ष्मीकुंड, गोदौलिया, रामापुरा, अगस्तकुंडा, पांडेयघाट, देवनाथपुरा, सोनारपुरा, पांडेय हवेली, भेलूपुर, हनुमानघाट, शिवाला, अस्सी संगम, अस्सी, रविंद्रपुरी कालोनी, नगवा,संकटमोचन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, भगवानपुर, रामनगर, भीटी, कैंटोमेंट बोर्ड, कैंटोमेंट, रेलवे स्टेडियम काॅलोनी, नई बस्ती लहरतारा आदि इलाके आते हैं।

श्रीधर

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