वाराणसी (हि.स.)। रोहनिया क्षेत्र के करनाडाड़ी मोहन सराय ओवर ब्रिज पर पिछले दिनों किराना व्यापारी राजेश जायसवाल की हुई हत्या मामले का पर्दाफाश सोमवार को क्राइम ब्रांच व थाना रोहनिया पुलिस टीम ने कर दिया।
पुलिस टीम ने बताया कि इस सनसनी खेज वारदात को मृत व्यापारी की पुत्री और उसके प्रेमी ने मिलकर अंजाम दिया है। पूरे वारदात की जड़ में मृतक की पुत्री ही है। दोनों ने मिलकर पूरी योजना के साथ प्रेम में बाधक बन रहे राजेश को मौत की नींद सुला दिया। दुखद पहलू ये है कि राजेश अपनी बेटी को एयर होस्टेस बनाने के लिए अपना सब जमा पूंजी दांव पर लगाने के लिए तैयार थे। बेटी शानदार करियर बनाने की राह पर चलने की बजाय प्रेमी जावेद अहमद के बांहों में शादी के सपने देख रही थी। अब खून के रिश्ते को कलंकित करने वाले आत्मघाती निर्णय से जेल में बीत जायेगी पूरी जवानी।
सोमवार को गिरफ्तार हत्यारोपी और उसके साथी को मीडिया के सामने पेश किया गया। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के अनुसार वारदात के बाद पुलिस टीम इस मामले की छानबीन में जुटी हुई थी। इस मामले में मृत राजेश के परिजनों ने थाने में उसके भाइयों और पट्टीदारों सुन्दर जायसवाल, शिवम जायसवाल, शुभम जायसवाल पुत्र विजय जायसवाल, शैल कुमारी पत्नी विजय जायसवाल, विजय जायसवाल पुत्र स्व0 भोला जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। राजेश के परिजनों का आरोप था कि भाइयों और प्ट्टीदारों से उनका सम्पति विवाद चल रहा था। इसी विवाद में राजेश की हत्या की गई है। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन में सर्विलांस का सहारा लिया तो मामला परत दर परत खुल गया।
एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि सर्विलांस की मदद से तफ्तीश में सामने आया कि राजेश की बेटी आंचल की बात फोन पर एक युवक से लगातार होती है। राजेश के पुत्री का गांव इस लड़के से प्रेम सम्बन्ध भी था। करीब एक वर्ष पूर्व लड़की ने अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। जिसमें मृतक की लड़की ने पासपोर्ट में अपने पिता का नम्बर न देकर घटना में शामिल अभियुक्त जावेद का नम्बर दिया था। पासपोर्ट बनाने के क्रम में पुलिस टीम ने जांच के दौरान राजेश जायसवाल से पूछताछ की। इस पर राजेश ने पुत्री का पासपोर्ट बनवाने के सम्बन्ध में अनभिज्ञता प्रकट की।
इसके बाद राजेश ने अपनी पुत्री को डांटने के बाद प्रेमी के परिजनों से बातचीत कर उसे भी फटकार लगाई थी। इसे बावजूद दोनों शादी करने के लिए अपने परिवार वालों पर दबाव बनाते रहे। इस मामले को ध्यान में रख पुलिस टीम ने छानबीन की तो पता चला कि राजेश की हत्या के पहले भी प्रेमी से लड़की की बात हुई थी। वारदात के बाद भी रात में उसी युवक से बात हुई थी। इसी आधार पर पुलिस का शक आंचल और जावेद पर गहराया। जावेद और आंचल से पूछताछ शुरू हुई तो पहले उन्होंने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे दोनों टूट गए।
दोनों ने बताया कि शादी में राजेश बाधक बन गये थे। इसलिए दोनों ने पिता राजेश जायसवाल को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। 29 जुलाई को राजेश बीमार सास को अस्पताल में खाना पहुंचाने जा रहे थे। इसकी जानकारी राजेश की पुत्री ने अपने प्रेमी को दे दी। फिर प्रेमी ने अपने साथी आकीब के साथ मोटर साइकिल से राजेश का पीछा करते हुए सुनसान स्थान मोहन सराय करनाडाड़ी ओवर ब्रिज पर गोली मार कर हत्या कर दी। इसके बाद पुनः उसी रास्ते से वापस अपने घर लौट आया व घटना की पूरी जानकारी प्रेमिका को दी।
आरोपी ने पुलिस टीम को बताया कि वारदात के लिए पिस्टल व कारतूस करीब छह माह पूर्व बिहार के विक्रमगंज से खरीदा था। पुलिस टीम हत्या में शामिल जावेद और आकीब के साथ मृतक की पुत्री को भी गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही में जुट गई है। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि इस घटना के खुलासे में क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी चतुर्वेदी और रोहनिया थाना प्रभारी हरिनाथ भारती व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्राइम ब्रांच और रोहनिया थाने की टीम को नगद पांच हजार के पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
