-मुख्य सचिव ने बैठक कर निर्माण के सम्बन्ध में ली विस्तृत जानकारी
लखनऊ (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर में एकीकृत मण्डलीय कार्यालय प्रस्तावित हैं। दोनों प्रस्तावित कार्यालयों के निर्माण के सम्बन्ध में प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने मंगलवार को एक बैठक की, जिसमें अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि एकीकृत मण्डलीय कार्यालय में आगन्तुकों के बैठने एवं उनके लिए पेयजल, टॉयलेट आदि की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि एकीकृत मण्डलीय कार्यालय भवन में सभी विभागों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ-साथ स्टोरेज एवं पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था रहे।
मुख्य सचिव ने चिन्हित सभी विभागों से लिखित सहमति प्राप्त करने के निर्देश दिये कि आवंटित स्थान एवं पार्किंग उनकी जरूरतों के अनुसार है। उन्होंने निर्देश दिया कि एकीकृत मण्डलीय कार्यालय परिसर में एन्ट्री एवं एक्जिट इस प्रकार से निर्धारित किया जाये कि पीक आवर्स में अनावश्यक भीड़ न हो तथा ट्रैफिक जाम की स्थिति न बनें।
पूर्व में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वाराणसी एवं गोरखपुर में प्रस्तावित एकीकृत मण्डलीय कार्यालय के सम्बन्ध में मुख्य सचिव को विस्तृत जानकारी दी गई। एकीकृत मण्डलीय कार्यालय वाराणसी के सम्बन्ध में बताया गया कि 27,047 वर्ग मीटर भूमि में भूतल के अलावा 19 मंजिल होंगे, जिसमें मण्डलीय कार्यालय, व्यावसायिक भवन, सभागार एवं कमिश्नरी अदालत, एडवोकेट चैम्बर्स, पार्किंग आदि का प्राविधान है। इस एकीकृत भवन में 45 कार्यालय शिफ्ट होंगे। साथ ही एक हजार वाहनों की पार्किंग के लिए व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 324.88 करोड़ रुपये तथा अनुमानित अवधि 21 माह है।
वहीं एकीकृत मण्डलीय कार्यालय गोरखपुर के सम्बन्ध में बताया गया कि 42,708 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बेसमेन्ट प्लस नौ मंजिल प्रस्तावित हैं, जिसमें 61 कार्यालय शिफ्ट होंगे। सभी कार्यालयों के लिए श्रेणीवार केबिन, चैम्बर व बैठने का विस्तृत प्राविधान किया गया है। प्रत्येक फ्लोर पर मीटिंग हॉल, 300 की क्षमता का एक ऑडीटोरियम, आधुनिक अभिलेखागार, कैन्टीन, लाइब्रेरी, प्रतीक्षालय, बैंक, सुरक्षा चेक आदि के लिए भी प्राविधान किया गया है। इसके अलावा 560 चार पहिया एवं 400 दो पहिया वाहन की पार्किंग और अधिवक्ताओं हेतु चैम्बर व आमजन के लिए कैन्टीन भी प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 254.58 करोड़ है।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ0 देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण सहित सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इसके अलावा मण्डलायुक्त वाराणसी दीपक अग्रवाल, मण्डलायुक्त गोरखपुर एनजी रवि कुमार व अन्य सम्बन्धित अधिकारी वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जुड़े थे। बैठक का संचालन एवं प्रस्तुतीकरण प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार द्वारा किया गया।
