मकानों के गिरने की आशंका पर गंगोत्री विहार कॉलोनी के निवासी नगवां पम्प हाउस के पास धरने पर बैठे
वाराणसी (हि.स.)। नगवां स्थित गंगोत्री विहार कॉलोनी के कई घरों में अचानक दरार पड़ जाने से लोगों में भय के साथ नाराजगी भी बढ़ रही है। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि नगवां स्थित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में चल रहे खुदाई और कार्यो से उनके मकान में दरार पड़ गया है। नाराज पीड़ित नागरिक प्लांट बंद करने की मांग कर बुधवार को नगवां पम्प हाउस के समीप धरने पर बैठ गये। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं।
पीड़ित नागरिकों का कहना है कि सीवेज प्लांट चालू होने के बाद से ही आधा दर्जन से अधिक घरों की दीवारें, छत फर्श फट चुकी हैं। मकान के मोटी दिवारों में भी दरार आ गई है। धरने पर बैठे रामसेवक तिवारी, मिठ्ठू साह, गोपाल साह, आशा देवी ने बताया कि गंगोत्री विहार कॉलोनी लेन नम्बर-1 रविदास पार्क नगवां में एसटीपी के लिए रमना लंका तक बिछाई जा रही पाइप लाइन के कारण मिट्टी की कटान से दर्जन भर लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गये है।
नागरिकों के अनुसार एसटीपी निर्माण के दौरान हमें बताया गया कि खोदाई करके पहले कंक्रीट से ढलाई होगी। उसके बाद पाइप सुरक्षा मानक का ध्यान रखकर बिछाई जायेगी। लेकिन कार्य शुरू होने के बाद एसटीपी की पाइप गड्ढे में डालने के बाद मिट्टी से ढंक दिया गया। पाइप की लीकेज से मिट्टी बह रही है। इसके कारण मकानों में कटान से दरार पड़ने के साथ गिरने की आशंका गहराने लगी है।
नागरिकों ने अफसरों से इस जगह का भौतिक निरीक्षण कर समस्या के समाधान के लिए गुहार भी लगाई है। उधर, मंगलवार शाम ईसीईएल के प्रोजेक्ट मैनेजर ने क्षतिग्रस्त घरों के साथ गंगा के किनारे डाले गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की पाइप लाइन का निरीक्षण किया। उनके अनुसार घरों में दरार पड़ने और फटने के कारण की जांच आईआईटी बीएचयू और जलनिगम के अभियंता को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कारण का पता चलेगा।
