मुरादाबाद (हि.स.)। वसीम रिजवी का सिर कलम करने वाले को 11 लाख रुपए के इनाम की घोषणा करने वाले अधिवक्ता पर मुरादाबाद में एफआईआर दर्ज हो गई है। चैकी इंचार्ज कपिल कुमार ने सिविल लाइन थाने में यह मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मुरादाबाद में आईएमए सभागार में राहत मौलाई के 108वें जन्मदिवस पर कौमी एकता कार्यक्रम में द बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के पूर्व अध्यक्ष अमीरुल हसन ने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी का सिर काटकर लाने वाले को 11 लाख रुपए के इनाम का ऐलान किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम, इमरान प्रतापगढ़ी ने भी भाग लिया था। इस मामले में रविवार को चैकी इंचार्ज उप निरीक्षक कपिल कुमार ने सिविल लाइन थाने में अमीरुल हसन जाफरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
गौरतलब है कि कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। इसके विरोध में उलमा तीखी प्रतिक्रिया दर्ज करा रहे हैं। वसीम रिजवी का कई स्थानों पर जमकर विरोध किया जा रहा है। वसीम रिजवी ने इन आयतों को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताया है। जबकि मुस्लिम धर्मगुरुओं ने वसीम के इस कृत्य को इस्लाम के खिलाफ बताया है और उनका बहिष्कार करने के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया है।
सहारनपुर के उलमा भी वसीम के विरोध में उतरेसहारनपुर में जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए वसीम रिजवी इस तरह के बयान देते रहे हैं। कुरान एक आसमानी किताब है, जिसमें एक शब्द न हटाया जा सकता है और न ही जोड़ा जा सकता है।
