वाराणसी (हि.स.)। वसंत पंचमी पर शनिवार को हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और दान पुण्य किया। माघ माह के प्रमुख स्नान पर्व पर श्रद्धालु कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच अलसुबह से ही गंगा तट पर पहुंचने लगे। भोर से लेकर अपराह्न तक स्नान-ध्यान का सिलसिला चलता रहा। गंगा स्नान के लिए दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा, सामनेघाट, अहिल्याबाई घाट पर भारी भीड़ उमड़ी।
श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद बाबा विश्वनाथ के दरबार में भी हाजिरी लगाई। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगमतट पर स्नान करने के बाद काशी में आकर गंगा में डुबकी लगाई। सनातन धर्म में वैशाख, कार्तिक एवं माघ मास में पवित्र नदियों में स्नान का विधान है। इसमें माघ माह में स्नान पर्व का बड़ा महत्व है। पद्मपुराण में कहा गया है कि माघ मास में व्रत-दान और तपस्या से भी भगवान विष्णु को उतनी प्रसन्नता नहीं होती है, जितनी माघ मास में स्नान से। इसलिए स्वर्गलाभ, सभी पापों से मुक्ति तथा भगवान वासुदेव की प्राप्ति के लिए प्रत्येक मनुष्य को माघ स्नान करना चाहिए।
श्रीधर
