– 17 दिनों तक जीआरपी कार्यालय पर पड़ा रहा प्रार्थना पत्र
कानपुर (हि.स.)। सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जा रहा है, लेकिन कानपुर सेंट्रल स्टेशन की जीआरपी एक बेटी के साथ हुई लूट की घटना को नजरअंदाज कर रही है। यह तो गनीमत रही कि बेटी 17 दिन बाद अपने साथ हुई घटना की कार्रवाई की जानकारी लेने जीआरपी थाना पहुंच गई। थाना पहुंचने पर जब उसने घटना पर कार्रवाई की जानकारी की तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मी बंगले झांकने लगे। उसे संतुष्ट करने के लिए उप निरीक्षक ने तत्काल मुकदमा दर्ज करते हुए जल्द खुलासे का आश्वासन दिया।
नौबस्ता निवासी संजय गुप्ता अपनी बेटी के साथ एक दिसम्बर को ऊंचाहार एक्सप्रेस से सफर करके कानपुर आ रहे थे। आउटर पर सिग्नल न मिलने पर ट्रेन खड़ी हो गई तो इसी दौरान लुटेरों ने युवती के साथ लूट की घटना को अंजाम दे दिया। लुटेरे युवती का बैग लूटकर फरार हो गये। युवती के मुताबिक बैग में ज्वैलरी और मेकअप का सामान था। सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन जब आई तो पिता के साथ बेटी ने जीआरपी कार्यालय पहुंचकर अपने साथ हुई लूट की घटना की जानकारी दी और प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
इस पर आश्वासन दिया गया कि मुकदमा दर्ज कर जल्द खुलासा किया जाएगा। लेकिन जब युवती वहां से चली गई तो जीआरपी पुलिस ने प्रार्थना पत्र को रद्दी में डाल दिया। 17 दिन बाद जब युवती पिता के साथ शुक्रवार को जीआरपी कार्यालय अपने साथ हुई लूट की घटना की कार्रवाई की जानकारी की तो उसके होश उड़ गये। मुकदमा तो दर्ज करना दूर दिया गया प्रार्थना पत्र ही गायब था और वहां मौजूद स्टॉफ एक दूसरे को देख बंगले झांकने लगा। इस पर युवती ने कड़ी नाराजगी जताई और मीडिया कर्मी के पहुंचने पर उप निरीक्षक नकुल सिंह ने युवती से दोबारा प्रार्थना पत्र लेकर मुकदमा दर्ज किया।
उप निरीक्षक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। पिता संजय गुप्ता ने बताया कि जीआरपी ने घोर लापरवाही की है, जब 17 दिन तक जीआरपी ने कुछ नहीं किया तो आगे भी उम्मीद न के बराबर है। लेकिन एक सप्ताह बाद फिर कार्रवाई की जानकारी की जाएगी और खुलासा न होने पर आलाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। एसआई ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और लुटेरों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अजय/दीपक
