वाराणसी। बाढ़ के बाद गंगा के जल स्तर में लगातार घटाव जारी है। इसके चलते घाटों की स्थिति भी तेजी से सामान्य हो रही है। घाटों के सम्पर्क मार्ग पर चहल पहल बढ़ने लगी है। लगभग 26 दिन बाद शुक्रवार को गंगा सेवा निधि की विश्व प्रसिद्ध दैनिक सायंकालीन गंगा आरती अपने स्थान पर हुई। गंगा में बाढ़ के बाद आरती स्थल गंगा की लहरों में डूब गया था। जिसके चलते गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा था।
निधि के पदाधिकारियों ने बताया कि निर्धारित स्थान पर गंगा आरती होने से देशी विदेशी श्रद्धालुओं को गंगा आरती देखने में सुविधा रहती है। जगह पर भी पर्याप्त मिल जाता है।
उधर, गंगा में घटाव के बाद गंगा में नौका संचालन भी जिला प्रशासन के निर्देश पर शुरू हो गया है। बीते 26 अगस्त से नौका संचालन पर रोक लगा था। नौका संचालन शुरू होते ही गंगा की गोद में नाविक पर्यटकों को नाव और स्टीमर पर बैठा कर घुमाने लगे है। कोरोना संकट काल के चलते पहले दिन कम सैलानी नावों पर बैठे। इसके बावजूद नाविकों में खुशी रही कि उनका धंधा शुरू हो गया है। गंगा किनारे रहने वाले माझी परिवारों को राहत मिलेगी।
लहरों में घटाव के 26 दिन बाद विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती अपने स्थान पर हुई,गदगद श्रद्धालु
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