लखनऊ (हि.स.)। भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र की रिहाई लचर पैरवी के चलते हुई। उन्होंने कहा कि मंत्री के पुत्र पर हत्या के आरोपों के बावजूद उन्हें पद से नहीं हटाया गया। मंत्री का बेटा था इसलिए रिहा हो गया, लेकिन वहां के किसान अभी भी जेल में है। क्या न्याय का दम तोड़ना इसी को कहते हैं ?
कांग्रेस की प्रवक्ता ने कहा कि ‘न्यायालय का आदेश’ के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार नहीं छुप सकती। चार दिन बाद भी योगी सरकार मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्र की बेल के ख़िलाफ़ उच्चतम न्यायालय क्यों नहीं गयी? आख़िर उप्र के एडवोकेट जनरल ने मामले में बहस क्यों नहीं की? क्या नरसंहार के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र टेनी के ख़िलाफ़ केस को जानबूझकर कमज़ोर किया जा रहा है?
भाजपा पर निशाना साधते हुए सुप्रिया श्रीनेता ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करने वालों को योगी के मंत्री द्वारा निर्दोष बताना भाजपा और ओवैसी की मिलीभगत का सुबूत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि योगी के निर्देश पर ही उनके नेता आरोपियों के घर गए। यह योगी सरकार के गुंडाराज खत्म करने के दावे की पोल खोलता है। योगी कानून व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा करते हैं और उनके मंत्री गोली चलाने वालों के घर जाकर उन्हें निर्दोष बताते हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार कानून व्यवस्था के झूठे सपने दिखाते ही रह गई और ओवैसी की गाड़ी पर गोली चलाई गई, आरोपी पकड़े भी गए।
अब योगी सरकार के मंत्री आरोपियों के घर मिलने जा रहे हैं, उनको निर्दाेष बता रहे हैं और अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए आरोपियों को कानूनी सुरक्षा देने की बात कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार हमलावरों का साथ दे रही है।
बृजनन्दन
