-बीरबल साहनी मार्ग स्थित पं. गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में चल रहा उत्तराखण्ड महोत्सव
लखनऊ (हि.स.)। लखनपुरी के गोमती तट से इन दिनों पर्वतीय अंचल की बयार बह रही है। यहां पर चल रहे उत्तराखण्ड महोत्सव में राजधानी के वासियों को पर्वतीय संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिल रहा है। बीरबल साहनी मार्ग पर स्थित पं. गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में चल रहे दस दिवसीय महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार की सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन मुख्य अतिथि महापौर संयुक्ता भाटिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। महोत्सव का आयोजन उत्तराखण्ड महापरिषद की ओर से किया गया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने लेखक सत्य प्रकाश जोशी की पुस्तक कुमाऊँनी होली हाँ हॉं मोहन गिरधारी होलियों के संकलन का विमोचन भी किया।
महोत्सव में उत्तराखण्ड के कलाकारों ने वहां के परम्परागत लोक गीतों और नृत्यों को पेश कर दर्शकों का मन मोह लिया। महोत्सव में आये कलाकारों के दल ने पर्वतीय अंचल का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य मेला परिसर में धूम- घूम कर किया। कलाकारों का कहना था कि इससे लोग वहां की संस्कृति से परिचित होंगे। दोपहर के सांस्कृतिक आयोजन में जया श्रीवास्तव के नेतृत्व में अटल कला साहित्य मंच की टीम ने लोक प्रस्तुतियॉं दी। सुरताल संगम संस्था ने वॉलीवुड थीम पर कार्यक्रम पेश किया। रामलीला समिति महानगर के दल ने वहां के देवी गीत देवी भवानी मेरि सेवा लिया, स्वर्ग तारा गाकर समा बांधा। पीयूष पाण्डे का कत्थक नृत्य भी खूब सराहा गया। ऊषा रावत ने अब लगलू मंडाण की सुन्दर लोक प्रस्तुति दी। संचालन पूनम कनवाल एवं हरितिमा पंत ने बड़ी खूबसूरती से किया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरूतात कामना विष्ट ने भक्तिभाव से शिव वंन्दना करके की। कामना ने पहाड़ी रिमिक्स की एक और सुन्दर प्रस्तुति दी। राजस्थान की टीम ने लीला देवी के नेतृत्व में वहां का भवई नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्यांगना शान्ता देवी ने सिर पर सात मटके रखकर तलवार, कॉच के टुकड़ों पर, डबल गिलास पर चढ़ कर नृत्य किया और मुँह से पैसे उठाये। शरीर में सिहरन पैदा कर देने वाला यह राजस्थान का मशहूर लोक नृत्य हैं। लोक कलाकार शान्ता देवी, शायरी देवी, राधा, सीता, हंजा देवी, रमेश दास, सोहन लाल, श्रवण दास, रमेश, विष्णु दास ने पर्वतीय अंचल का लोकप्रिय नृत्य घूमर पेश किया। द्वाराहाट, उत्तराखण्ड से आये गायक मनोज अधिकारी ने भी अनेक कुमायूंनी गाने सुना कर दर्शकों का मन मोहा। युवा कथक नृत्यागंनाएं ईशा एवं मीशा रतन ने अपने नृत्य में भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
मंजू देवी के नेतृत्व में स्वरात्मिका संस्था के दल ने कत्थक, अवधी, उत्तराखण्ड का घसियारी नृत्य तथा अन्य प्रस्तुतियॉ देकर प्रशंसा बटोरी। जेबी म्यूजिकल ग्रुप की गीता शुक्ला ने लोक नृत्य प्रस्तुत कर कर दर्शकों का मनोरंजन किया। आकाशवाणी के वरिष्ठ उदघोषक सुरेन्द्र राजेश्वरी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
