लखनऊ (हि.स.)। लखनऊ के अमीनाबाद स्थित पंजाब नेशनल बैंक (तत्कालीन यूनाईटेड बैंक आफ इंडिया) से ठाकुरगंज इलाके की एक बड़ी जमीन के कागजात लगाकर 107 करोड़ रुपये लेने, रुपये हड़पने, जमीन बेच देने के बाद मुख्य आरोपी शकील फरार है। शकील के गिरफ्तारी के लिए वजीरगंज थाने की पुलिस टीम उसे तलाशते हुए दबिश दे रही है।
107 करोड़ के फर्जीवाड़ा में मुख्य आरोपी शकील का नाम माफिया मुख्तार अंसारी से जुड़ा हुआ है। शकील और उसकी भाभी राणा रिजवी ने ठाकुरगंज इलाके की एक बड़ी जमीन को टुकड़े में 70 लोगों को बेच दिया। जमीन की बिक्री में रईस नाम के एक प्रापर्टी डीलर ने भी मदद की।
जमीन बिकने के बाद लोगों का कब्जा होने से पहले ही वहां ऋण वसूली अधिकरण की नोटिस चस्पा हो गयी। जमीन खरीदने वाले 70 लोगों ने इसकी जानकारी करनी चाही तो शकील और उसके साथियों ने किनारा कर लिया। लोगों ने बैंक से पता किया तो जमीन पर 107 करोड़ का लोन पास होने और अभी तक एक भी किस्त नहीं दिये जाने की जानकारी हुई।
इसके बाद पीड़ितों में चार लोगों ने पुलिस उपायुक्त उत्तर से शिकायत की और वजीरगंज थाने में शकील और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर लिख गयी। शकील की गिरफ्तारी के लिए वजीरगंज पुलिस ने दुबग्गा, हुसैनाबाद सहित उसके कई ठिकानों पर दबिश दी है।
पीड़ितों की मानें तो उन्होंने 10 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक देकर जमीन खरीदी है। रकवा संख्या 552 जो पूरी जमीन टुकड़ों में बेची गयी है, उसे बैंक में बंधक रखकर 107 करोड़ रुपये लोन लिए गए हैं। जमीन बेचने के बाद 10 करोड़ से 15 करोड़ रुपये और भी शकील के पास आ गये हैं। करोड़ों रुपये लेकर शकील फरार है।
उन्होंने बताया कि जमीन की प्लाटिंग 2019 में हुई थी और 2020 तक सारे प्लाट बिक गये थे। 2021 में जुलाई माह में ऋण वसूली अधिकरण की नोटिस जमीन पर चस्पा हुई। एक अगस्त को शकील के विरुद्ध एफआईआर हुई है। शकील और उसके साथी अब पीड़ितों को एफआईआर वापस लेने को धमकी दे रहे हैं।
