-किसी भी विश्विद्यालय में ऐसी फैकल्टी नहीं, प्रोफेसर इंचार्ज के रूप में नवीन खरे नियुक्त
लखनऊ (हि.स.)। लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के डायनेमिक लीडरशिप में लखनऊ विश्वविद्यालय के योग इंस्टीट्यूट को मर्ज करते हुए फैकल्टी ऑफ योग ऐंड अल्टरनेटिव मेडिसिन की स्थापना की गई है।
लखनऊ विश्वविद्यालय भारतवर्ष का प्रथम विश्विद्यालय है, जहां पर योग एवं अल्टरनेटिव मेडिसिन की पहली फैकल्टी स्थापित की गई है। देश के किसी भी विश्विद्यालय में फैकल्टी ऑफ योग ऐंड अल्टरनेटिव मेडिसिन नाम से फैकल्टी नहीं है। इस फैकल्टी के प्रोफेसर इंचार्ज के रूप में प्रोफेसर नवीन खरे एवं कोऑर्डिनेटर के रूप में डॉ. अमरजीत यादव को नियुक्त किया गया है।
प्रो. नवीन खरे ने बताया कि यह फैकल्टी विश्विद्यालय के फैकल्टी बोर्ड अकेडमी कॉउन्सिल, फाइनैंस कमेटी, एक्सिक्यूटिव कॉउन्सिल से अनुमोदित हो चुकी है और राजभवन से कार्यवाही के लिए सहमति पत्र भी प्राप्त हो गया था। इस फैकल्टी में योग विभाग और प्राकृतिक चिकित्सा विभाग होंगे।
वर्तमान में फैकल्टी के अंतर्गत बीए व बीएससी (योगा), एमए, एमएसी (योगा), एमए और पोस्ट ग्रेजुएट डिम्प्लोमा इन योगा, सर्टिफिकेट इन योग, पाठ्यक्रमो में छात्रों ने प्रवेश लिया है और इन कोर्सेज की पढ़ाई चल रही है। यह फैकल्टी लखनऊ विश्वविद्यालय के जानकीपुरम स्थित द्वितीय परीसर में स्थापित है। फैकल्टी के बीए-बीएससी (योगा) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा एमए-एमएसी (योगा) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन पत्र उपलब्ध हो जायंगे।
भविष्य में 100 बेड का हॉस्पिटल तैयार करके पंच वर्षीय बीएनवाइएस पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। फैकल्टी में स्वास्थ्य जागरूकता, योग जागरूकता, लिट्रेचर, रिसर्च, फ्री योग कैम्प्स, कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। फैकल्टी के कोऑर्डिनेटर डॉ अमरजीत यादव में बताया कि पाठ्यक्रमों में पढ़ाई के साथ ही साथ योगा ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। फैकल्टी द्वारा कई वेबिनार, कार्यशाला, योग उत्सव का आयोजन किया जा चुका है। प्रति सप्ताह देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के योग विशेषज्ञों के ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किये जाते हैं।
योग स्वास्थ्य की उन्नति के लिए अच्छा साधन बन चुका है इसलिए योग में रोजगार की संभावना बढ़ रही है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष मंत्रालय, में अब योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति होने लगी है। इसके अतिरिक्त विश्विद्यालय अनुदान आयोग, आयुर्वेद परिषद, होम्योपैथी परिषद, यूनानी परिषद की विभिन्न परियोजनाओं में योग प्रशिक्षकों की भर्ती की जा रही है। देश की बहुत ही बड़ी स्वास्थ्य परियोजना आयुष्मान भारत के अंतर्गत योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के 75 जनपद में योग वेलनेस सेंटर खोले गए हैं, जिनमें योग प्रशिक्षक एवं योग सहायक की भर्तियां की जा रही है। ऐसे लोग जो योग में पीएचडी कर लेते हैं। उनको भारत सरकार और राज्य सरकार के विश्विद्यालयों में नियुक्ति के अवसर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय की विभिन्न शोध परियोजनाओं में योग विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाती है।
