लखनऊ (हि.स.)। लखनऊ की सीमा से शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश धड़ल्ले से हो रहा है। इससे शहर में प्रदूषण फैलने के साथ जाम भी खूब लग रहा है। ऐसे वाहनों पर आरटीओ चेकिंग दल अब सख्त कार्रवाई करेंगे।
लखनऊ में शहर के अंदर सुबह 06 बजे से रात 11 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। फिर भी शहर के भीतर भारी वाहन प्रवेश कर रहे हैं। इससे शहर में प्रदूषण फैलने के साथ जाम भी खूब लग रहा है। शहर में प्रदूषण और जाम लगाने वाले वाहनों के खिलाफ आरटीओ चेकिंग दल अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
वाहनों के प्रदूषण जांच में फंसा तकनीकी पेंच
दो और चार पहिया निजी वाहनों के प्रदूषण जांच में अभी तकनीकी पेंच फंसा हुआ है। ऑनलाइन प्रदूषण जांच के सॉफ्टवेयर में बीएस थ्री और फोर मॉडल को बीएस छह में तब्दील कर दिया गया है। यहीं वजह है कि दो और चार पहिया वाहनों की प्रदूषण जांच होना बंद हो गई है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त ने एनआईसी को पत्र भेजकर सॉफ्टवेयर में हुई गड़बड़ी को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ के संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) संदीप कुमार ने मंगलवार को कहा कि वाहनों के प्रदूषण जांच के खिलाफ रूटीन कार्रवाई की जा रही है। तय मानक से ज्यादा धुंआ उगल रहे वाहनों पर अब सख्त कार्रवाई करते हुए दस हजार रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण जांच में फेल वाहनों के इंजन को ठीक कराकर दोबारा से प्रदूषण जांच कराकर प्रमाण पत्र हासिल किया जा सकता है।
