लखनऊ (हि.स.)। राजधानी लखनऊ के गोहनाकला जानकीपुरम विस्तार में एक एकड़ में भव्य लक्ष्मण मंदिर बनेगा। मंदिर का शिखर 81 फीट ऊंचा होगा। मंदिर के साथ ही माता उर्मिला वृद्धाश्रम का निर्माण भी होगा।
भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मणजी के मंदिर की आधारशिला वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुक्रवार को रख दी गयी। लक्ष्मणपुरी के नाम से भी विख्यात इस नगरी में अगले पांच वर्षों में निर्माण पूरा होने पर श्री लक्ष्मण जी के मंदिर के शिखर पर ध्वजा लहराने लगेगी।
मंदिर में श्रीलक्ष्मण-उर्मिला जी के दिव्य स्वरूप के साथ मंदिर में शिव परिवार और श्रीराम दरबार की मूर्ति स्थापित होगी। इसके साथ ही एक एकड़ क्षेत्र में बन रहे इस मंदिर में अशक्त-वृ़द्धाओं के लिए माता उर्मिला वृद्धाश्रम भी खोला जायेगा। श्री लक्ष्मण पीठ सेवा न्यास के सौजन्य से तैयार हो रहे इस मंदिर का भूमि पूजन अध्यक्ष व रामकथा प्रवक्ता पण्डित धीरेन्द्र वशिष्ठ महाराज ने किया।
इस अवसर पर संतों के साथ पद्मश्री विद्याविंदु सिंह, डा.नलिनकांत त्रिपाठी, पूर्व न्यायाधीश विद्यासागर विश्वकर्मा और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
भूमि पूजन के बाद धीरेन्द्र वशिष्ठ महाराज ने बताया कि वह 2017 से निरन्तर लखनऊ में श्रीलक्ष्मण मंदिर के निर्माण के लिए कृतसंकल्पित हैं। पूरे देश में भिक्षाटन कर पिछले वर्ष ही श्रीलक्ष्मण मंदिर बनाने के लिए भूमि ली गयी। अब भूमि पूजन अनुष्ठान के बाद मंदिर निर्माण प्रारम्भ हो जायेगा। भूमि पूजन के बाद ही यहां देर रात तक चलने वाला भण्डारा भी प्रारम्भ हो गया। मंदिर के वास्तुकार मीनाक्षी तिवारी व सुनील श्रीवास्तव हैं।
इस अवसर पर यहां उपस्थित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को संतों के आशीर्वचन भी मिले। क्षेत्रीय जनता और करीब के ग्राम प्रधानों का भी आयोजन में सहयोग रहा।
संगीतज्ञ और स्वामी पागलदास के शिष्य डाॅ.राज खुशीराम ने यहां मृदंग वादन कर शास्त्रीय सुरों की अलख जगायी तो भजन किशोर चतुर्वेदी ने भजन संध्या में राम स्तुतियों के संग लक्ष्मण की विशेष स्तुति और हनुमत भजनों का मधुर गायन किया।
बृजनन्दन
