लखनऊ (हि.स.)। लखनऊ में अब्दुल कलाम टेक्नीकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) की ओर जाने वाले मार्ग पर अवैध झुग्गी झोपड़ी की संख्या लगातार बढ़ रही है। रेलवे लाइन के किनारे बनायी गयी झुग्गी झोपड़ी अब कालोनियों के बाहर पार्को के लिए छोड़ी गयी सरकारी जमीन तक पहुंच गयी है। जिससे कालोनी में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।
जानकीपुरम विस्तार कालोनी में रहने वाले अधिवक्ता संदीप वर्मा ने बताया कि अपने घर से निकल कर काम पर जाते हुए रास्ते एकेटीयू मार्ग पर झुग्गी झोपड़ी दिखती है। जिसमें दूसरे जगहों से आये हुए लोग रह रहें है। ये लोग ठेला गाड़ी पर सामान बेंच कर जीवन चलाते दिखते हैं। इसमें कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने कई नाम रख रखे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले तो ये केवल रेलवे लाइन के किनारे तक ही सीमित थे। अब ये कालोनी के बाहर खाली पड़ी जमीन तक आ गये हैं। इनकी दिनचर्या में महिलाएं कालोनी में काम मांगते दिखती हैं, पुरुषों को भी व्यवसायी अपने यहां काम दे देते है। बावजूद इसके झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों से अपरिचित होने के कारण दहशत का माहौल बना रहता है।
एकेटीयू मार्ग निवासी सीमा, रजनी और उनके समूह की महिलाओं ने कहा कि सीतापुर रोड पर दूर तक सड़क किनारे दिखने वाले रेलवे लाइन पर बाहर से आये लोगों ने कब्जा कर लिया है। ये बाहरी लोग अवैध रुप से झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। ये कहां से आये है, इनकी ना कोई जांच हो रही है। न ही इनसे कोई लखनऊ तक पहुंचने की जानकारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय पार्षद, जनप्रतिनिधियों, पार्टी नेताओं से कई बार इस बाबत चर्चा की गयी है। सभी के संज्ञान में लाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम के अधिकारियों को भी सूचित कराया गया है। इस बाबत भाजपा विधायक से भी चर्चा की गयी है। सबकुछ के बावजूद अभी तक बढ़ती झुग्गी झोपड़ी और अनजान लोगों के विरुद्ध कोई ठोस कदम उठता नहीं दिखा है।
बीते एक वर्ष में तेजी से बढ़ी झुग्गी झोपड़ी को लेकर सामाजिक संगठनों की ओर से भी विषय उठाया गया है। हिन्दी प्रचार समिति के सदस्यों ने झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के अपने मध्य रहने को भविष्य के लिए संकट की स्थिति होने की सम्भावना व्यक्त की है।
शरद
