लखनऊ । यूपी के 53 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतगणना करीब-करीब खत्म हो चुकी है। ज्यादातर जिलों के परिणाम आ चुके हैं। आधी से ज्यादा सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है। चौंकाने वाली बात यह है कि सोनिया गांधी का गढ़ कहे जाने वाली रायबरेली सीट भी भाजपा ने अपने कब्जे में कर ली है। वहीं सपा का गढ़ मैनपुरी में भी बीजेपी प्रत्याशी का परचम लहराया है। रायबरेली में भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह को 8 वोटों से पराजित कर दिया है। वहीं मैनपुरी में भी भाजपा ने अपना जिलाध्यक्ष बनाया है। बुंदेलखंड में भी भाजपा ने सातों सीटों अपने पाले में कर ली हैं। 7 सीटों पर 4 पर भाजपा के निर्विरोध प्रत्याशी चुनाव जीते। बाकी तीन सीटें भी भाजपा ने कब्जा लीं। देवरिया जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर पहली बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। अभी तक केवल यूपी के तीन जिलों में सपा प्रत्याशी के जीतने की खबर आई है। बलिया, एटा और आजमगढ़ में सपा ने जिला अध्यक्ष बनाया है। आजमगढ़ में सपा की एकतरफा जीत बताई जा रही है। भाजपा का रालोद-सपा गठबंधन से मुकाबला है। भाजपा प्रत्याशियों को संयुक्त प्रत्याशी की ओर से चुनौती मिल रही है। भाजपा ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर सांसद, विधायक समेत पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सभी 7 जिलों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हापुड़, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, संभल और रामपुर में भाजपा और सपा-रालोद की ओर से पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। भाजपा और रालोद-सपा के नेता जिलों में पहुंच गए हैं।
नेताओं का कहना है कि गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। वेस्ट यूपी में शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष की सात सीटों पर चुनाव होगा। जहां भाजपा ने सभी सात सीटों पर जीतने की तैयारी की है। वहीं रालोद-सपा गठबंधन हर हाल में मुकाबले के लिए तैयार है। भाजपा नेताओं का साफ कहना है कि 7 जीत चुके और जनता ने चाहा तो 7 और भी जीत कर इतिहास बनाएंगे। रालोद-सपा गठबंधन को लेकर पार्टी नेता आश्वस्त हैं। सात सीटों में बागपत और मुजफ्फरनगर में मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। , शामली, बागपत, हापुड़, बिजनौर, रामपुर, सम्भल, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, फरूखाबाद, कन्नौज, औरय्या, कानपुर नगर, कानपुर देहात, जालौन, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी हैं। इनके अलावा अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर,चंदौली, जौनपुर, मीरजापुर, और सोनभद्र में भी मतदान होना है। इनमें सबसे अधिक चार-चार उम्मीदवार एटा, सीतापुर और जौनपुर में मैदान में हैं, सुल्तानपुर में तीन और बाकी जिलों में दो-दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। प्रदेश के 22 जिलों में मतदान नहीं होगा क्योंकि इन जिलों में से हर जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मैदान में एक ही उम्मीदवार बचा है और उसे निर्विरोध विजेता घोषित किया जा चुका है। इनमें से 21 जिलों में भाजपा और इटावा में सपा के उम्मीदवार निर्विरोध विजयी घोषित हुए हैं। यह जिले हैं-सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, पीलीभीत, शाहजहांपुर, आगरा, इटावा, ललितपुर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, बहराइच, श्रावस्ती, बलमरामपुर, गोण्डा, गोरखपुर, मऊ और वाराणसी। इन जिलों में कुल 32 नामांकन दाखिल हुए थे जिनमें से छह खारिज हुए, जबकि चार उम्मीदवारों ने पर्चे वापस ले लिए। बाकी 22 उम्मीदवार निर्विरोध विजेता घोषित कर दिए गए।
लखनऊ : भाजपा ने सोनिया गांधी के गढ़ में लगाई सेंध
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