लखनऊ (ईएमएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बेसिक शिक्षा विभाग के 6696 सहायक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के मौके पर कहा कि जो ईमानदारी हमारी सरकार ने आप सभी की भर्ती में दिखाई है, उतनी ईमानदारी और प्रतिबद्धता आप समाज के प्रति दिखाइए। बेसिक शिक्षा समाज की नींव है। इसे मजबूत कर राष्ट्र को समृद्ध और शक्तिशाली बनाने में अपना योगदान दीजिए। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे ग्राम पंचायत के हर घर से जुड़े और गांव के सभी बच्चों का विवरण इकट्ठा कर उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ें। हमारी सरकार ने संकल्प लिया था कि हम आमूलचूल परिवर्तन करके दिखाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल भी किसी पब्लिक व कॉन्वेंट स्कूल का मुकाबला करते हुए दिखाई दें। हमने टीईटी के लिए व्यवस्था बनाई है कि जो एक बार टीईटी पास करेगा, उसके सर्टिफिकेट की मान्यता आजीवन रहेगी। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल में पढ़ा हुआ हूं। उनकी सरकार के कार्यकाल में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में जिस पारदर्शिता से एक लाख 20 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई है और विद्यालयों के कायाकल्प के साथ शैक्षिक सुधार हुआ है, उससे विपक्षी दल भयभीत हैं। उन्हें लगता है कि अब तो गरीबों के बच्चे पढ़कर आगे बढ़ेंगे तो जातिवाद, क्षेत्रवाद वंशवाद और भ्रष्टाचार पर आधारित उनकी राजनीति बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भर्तियों में शुचिता और पारदर्शीता से बुरा उन लोगों को भी लग रहा है जिनकी अवैध कमाई का जरिया बंद हो गया है। इसी कारण विपक्षी दल युवाओं को गुमराह करने में लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उनके भवन जर्जर थे। उनके भवनों पर पीपल और बरगद के पेड़ उगे थे। जहां भवन थे, वहां शिक्षक नहीं थे। जहां शिक्षक थे, वहां छात्र नहीं थे। कहीं छात्र थे तो वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। यह पूरा विभाग ट्रांसफर पोस्टिंग और ऐसी तमाम गतिविधियों में लिप्त था, जो शिक्षा के लिए कलंक थीं। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जब भर्तियां निकलती थीं तो प्रदेश के कुछ गैंग झोला लेकर कमाई के लिए निकलते थे। कुछ खानदान ऐसे थे जिनकी आजीविका भर्तियों पर निर्भर थी। ऐसे लोगों को मालूम है कि यदि आज वह झोला लेकर निकलेंगे तो हमारी एजेंसियां सक्रिय और सतर्क हैं। हमने जेलें भी खाली करवाई हैं।
लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल करें कान्वेंट स्कूल का मुकाबला-योगी
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