Tuesday, March 3, 2026
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लखनऊ : प्रियंका से मुलाकात के लिए धरने पर बैठीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष

-पदाधिकारी मिलने दे रहे न ही सुरक्षाकर्मी, महिला उत्पीड़न के ख‍िलाफ प्रदर्शन
लखनऊ। महिला के सम्मान की आवाज बुलंद करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा शनिवार को लखीमपुर खीरी पहुंची थीं। वहीं, अपने मान-सम्मान की आवाज बुलंद करते हुए उन्हीं की पार्टी की कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय में धरने पर बैठने को मजबूर हुईं। प्रियंका प्रदेश मुख्यालय में जब बैठकें कर रही थीं, तभी शाम को महिला कांग्रेस आगरा जोन की अध्यक्ष शबाना खंडेलवाल तमाम महिलाओं के साथ परिसर में ही धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि अपनी नेता से मिलने के लिए कई जिलों से महिला कार्यकर्ता आई हैं। दो दिन से यहां डेरा डाले हैं, लेकिन मुलाकात नहीं हो रही। न पदाधिकारी मिलने दे रहे और न ही सुरक्षाकर्मी। उन्होंने कहा कि महिला का आदर जाति-धर्म से ऊपर उठकर करते हुए प्रियंका लखीमपुर तक जा सकती हैं तो दूरदराज से आईं अपनी ही कार्यकर्ताओं से क्यों नहीं मिलेंगी। हालांकि, इसके तुरंत बाद ही प्रदेश प्रभारी ने शबाना को बुलाया और मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। शबाना का कहना था कि वह तो पदाधिकारी होने के नाते मिल ही सकती थीं, लेकिन उन्होंने कार्यकर्ताओं को मिलाने के लिए धरना दिया।
पार्टी की रीति-नीति के खिलाफ आवाज उठाने पर निष्कासित किए जा चुके कार्यकर्ता कोणार्क दीक्षित ने फिर पार्टी को आईना दिखाया। उन्होंने कांग्रेस में महिला कार्यकर्ताओं से अभद्रता और उत्पीडऩ के आरोप तख्ती पर लिखते हुए जीपीओ पर मौन धरना दिया। कहा कि जैसे प्रियंका ने सरकार का विरोध किया, वही तरीका उन्होंने अपनाया है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव सहित तमाम नौजवान भी प्रियंका से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे हुए हैं। आरोप है कि कांग्रेसियों ने मारपीट कर उन्हें भगाया गया। वह फिर प्रदेश मुख्यालय पर पहुंचे तो राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रभारी से वार्ता कराई जाएगी। वह देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन मुलाकात नहीं कराई गई। हालांकि, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उत्तर प्रदेश के युवाओं से जरूर कांग्रेस महासचिव ने मुलाकात की। उनसे रुकी हुई भर्तियों, खाली पड़े पदों और बेरोजगारी पर चर्चा की। उनसे कहा कि वह पहले भी युवा प्रतियोगी छात्र-छात्राओं की बात उठाती रही हैं और आगे भी युवा एजेंडे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेंगी।

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