लखनऊ (हि.स.)। राजधानी के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में मादा दरियाई घोड़ा आशी की हालत चिन्ताजनक बनी हुई है। चिकित्सकों की देखरेख के बाद उसने भोजन ग्रहण करना शुरू कर दिया था। लेकिन, पिछले दो दिनों से वह भोजन ग्रहण नहीं कर रही है। उसके स्वास्थ्य में निरन्तर गिरावट दिखावट दिखाई पड़ रही है। आशी अधिकांश समय चुपचाप पानी में रहती है।
प्राणि उद्यान के निदेशक आरके सिंह ने शनिवार को बताया कि आशी का स्वास्थ्य प्राणि उद्यान के लिए चिन्ता का विषय बना हुआ है। प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक, कीपर तथा स्टॉफ उसकी चौबीस घंटे निगरानी एवं देखभाल कर रहे हैं।
आशी की सेहत को लेकर लगातार अन्य विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को कुमारगंज अयोध्या वेटनरी कॉलेज से डॉ. जेपी सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं इंचार्ज वेटनरी मैडिसिन, डॉ. भूपेन्द्र सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं इंचार्ज, वेटनरी गाइनकोलॉजी, डॉ. सोनू जायसवाल, ऐसोसिएट प्रोफेसर एवं हैड, वेटनरी क्लिनिक्स ऐण्ड सर्जरी, डॉ. मो. नासिर, पशु चिकित्सक, कानपुर प्राणि उद्यान, कानपुर तथा डॉ. नरबीर सिंह यादव, सुप्रिनटेंडेंट, बादशाह बाग वेटनरी पॉलीक्लिनिक, पशु पालन विभाग, लखनऊ, मथुरा वेटनरी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. आरपी पाण्डेय, सर्जरी हैड एवं रेडियोलॉजी से मादा दरियाई घोड़े के सम्बन्ध में लखनऊ प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सकों ने चर्चा की।
