लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अवैध कब्जेदारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश द्वारा जमीनों के फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई की है। एलडीए ने कानपुर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर योजना में फर्जी रजिस्ट्री का पर्दाफाश करते हुए आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार गंगवार ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर योजना में खाली पड़े भूखंडों के संबंध में प्राधिकरण द्वारा यह विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था कि अगर संबंधित भूखंड किसी को आवंटित हो तो वे इसके अभिलेख प्राधिकरण में उपलब्ध कराएं। इस पर अवनीश कुमार की पत्नी मीता तिवारी द्वारा भूखंड संख्या एफ-344 पर अपना मालिकाना हक बताते हुए रजिस्ट्री की कॉपी उपलब्ध कराई गई। जोकि, प्रारंभिक जांच में फर्जी पायी गई।
मीता तिवारी ने यह बताया कि उन्होंने यह भूखंड हिंद नगर निवासी विनय चौधरी की पत्नी मनदीप चौधरी से 31 अगस्त 2020 को खरीदा है। उन्होंने बकाया कि मीता चौधरी द्वारा दिए गए दस्तावेजों का परीक्षण करने पर यह पाया गया कि मनदीप चौधरी द्वारा उक्त भूखंड की रजिस्ट्री 5 दिसंबर 2000 को उप निबंधक कार्यालय में अपने नाम दर्शायी गई। जांच में पाया गया कि मनदीप चौधरी की ऐसी कोई रजिस्ट्री उप निबंधक कार्यालय में दर्ज ही नहीं थी।
सचिव पवन गंगवार ने बताया कि इससे यह स्पष्ट होता है कि मनदीप चौधरी ने प्राधिकरण की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से उक्त भूखंड के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उसके आधार पर इसे मीता तिवारी को विक्रय किया। वहीं, मीता तिवारी ने भी बिना जांच किए उक्त संपत्ति खरीदी। इस पूरी कार्रवाई में मीता तिवारी और मनदीप चौधरी की दुरभि संधि प्रतीत होती है। फिलहाल लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा उक्त पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराए जाने के बाद मंदीप चौधरी और मीता तिवारी के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में एफआईआर पंजीकृत करा दी गई।
लखनऊ : जमीनों के फर्जीवाड़े पर एलडीए की सख्त कार्रवाई, आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
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