लखनऊ(हि.स.)। पुलिस उपायुक्त यातायात आशीष श्रीवास्तव की लखनऊ के पॉश इलाकों को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। शहर के सबसे बड़े पॉश इलाके हजरतगंज में शाम होते ही यातायात व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जा रही हैं। हजरतगंज को जाम मुक्त रखने के लिए बनाये गये नियम कानून धरे रह गये हैं।
हजरतगंज में हलवासिया मार्केट अपनी पहचान रखता है। मार्केट के बाहर हजरतगंज मार्ग पर नो पार्किंग का बोर्ड लगा हुआ है। बोर्ड के नीचे ही वाहनों की पार्किंग की जाती है। यह तस्वीर हर दिन की एक जैसी ही होती है।
हजरतगंज क्षेत्र के दुकानदार अमित ने बताया कि नो पार्किंग में पार्किंग, बड़ी दुकानों के बाहर सड़क पर पार्किंग, उल्टे दिशा से आते वाहन, सड़कों पर ठेले खुमचे, यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहनों की कतारें और सड़क पार करते लोगों से सड़क पर ट्रैफिक जाम हो जाता है। इसमें पार्किंग नियमों का पालन कराना यातायात पुलिस के हाथ में है। जिसे कड़ाई से पालन नहीं कराया जाता है।
दुकानदार प्रमोद ने कहा कि कपड़े की दुकानों पर सुबह शाम महिलाएं खरीदारी करने आती हैं। दुकानों पर भीड़ रहती है। महिलाएं अपने वाहनों को पार्किंग में लगाती हैं। मेट्रो का भी महिलाएं उपयोग करती हैं। जो महिलाएं परिवार के साथ कार से हजरतगंज क्षेत्र में आती हैं, वे पार्किंग का शुल्क और समय बचाने के लिए कहीं वाहन खड़ा करते हैं। जाम की स्थिति तो बन ही जाती है।
यातायात उपायुक्त आशीष श्रीवास्तव की मानें तो हजरतगंज में ट्रैफिक जाम की समस्या के कारण ही ई-रिक्शा बंद करा दिया गया है। नो पार्किंग में पार्किंग ज्यादातर वहां के दुकानदारों के यहां आने वाले लोग ही करते हैं। जिसके लिए दुकानदारों को प्रयास करना चाहिए। यातायात पुलिस अपना कार्य कर रही है।
शरद/राजेश
