लखनऊ (हि.स.)। उत्तर रेलवे के चारबाग स्थित मंडलीय अस्पताल में रेल कर्मियों,सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भर्ती कर उपचार करने की मंजूरी जिला प्रशासन से मिल गई है। इसके बाद लखनऊ के मंडलीय अस्पताल में अब रेल कर्मियों को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है।
उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के डीआरएम संजय त्रिपाठी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमओ) डॉ. विश्व मोहिनी सिन्हा ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर चारबाग के मंडलीय रेल अस्पताल में रोगियों को भर्ती करने की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद मंडलीय अस्पताल के एक हिस्से को कोविड -19 मरीजों के लिए आरक्षित कर शेष हिस्से में रेल कर्मियों को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है।
कोविड-19 का संक्रमण अधिक फैलने पर पिछले साल 275 बिस्तरों वाले मंडलीय रेल अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। जिस कारण से अस्पताल में ओपीडी भी बंद हो गई थी। यहां पर जिन रेल कर्मियों का इलाज चल रहा था उनको आरडीएसओ और बादशाह नगर स्थित मंडलीय अस्पताल में शिफ्ट किया गया था।
चारबाग के मंडलीय रेल अस्पताल में करीब एक हजार से अधिक कोरोना संक्रमित रोगियों का उपचार कर उनको स्वस्थ किया जा चुका है। इस अस्पताल को उत्तर रेलवे मुख्यालय ने बेस्ट कोविड केयर सेंटर भी चुना था। कोविड केयर सेंटर होने के कारण इस अस्पताल में अन्य रोगियों की भर्ती नहीं की जा रही थी। अब जिला प्रशासन की अनुमति के बाद मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। पिछले कई दिनों से यहां कोरोना के मरीज नहीं आ रहे थे।
मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) संजय त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि लखनऊ के मंडलीय रेल अस्पताल में रेल कर्मियों को भर्ती कर उपचार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सीएमओ से अनुमति के बाद एक हिस्से को कोविड केयर सेंटर के लिए आरक्षित किया गया है। शेष हिस्से का इस्तेमाल रेल कर्मियों के उपचार के लिए होगा।
लखनऊ के मंडलीय अस्पताल में रेल कर्मियों को भर्ती करने की मिली मंजूरी,उपचार शुरू
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