लखनऊ (हि.स.)। प्रदेश की बात तो छोड़ें राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। खाद आती भी है तो साधन सहकारी समिति के सचिव अपने चहेतों को खाद दिलाकर उसके माध्यम से सरकारी रेट से अधिक मूल्य पर खाद की बिक्री करते हैं। इसलिए ऐसे निरंकुश व मनमानी करने वाले सचिवों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने के संबंध में किसान संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने लखनऊ के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
भारतीय किसान संघ अवध प्रान्त के प्रान्तीय कोषाध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व के मंगलवार को किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द कालाबाजारी रोकने को कहा है। किसान संघ ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि यदि तीन दिन के अन्दर जिले में खाद की उपलब्धता और उचित रेट पर किसानों को खाद नहीं उपलब्ध कराई गयी तो विधानसभा के सामने धरना दिया जायेगा।
भारतीय किसान संघ अवध प्रान्त के प्रान्तीय कोषाध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह भदौरिया ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि बुवाई शुरू हो चुकी है इसलिए पूरे अवध प्रान्त में खाद की किल्लत चल रही है।
बताया कि जो खाद आ भी रही है साधन सहकारी समिति के सचिव खाद की कमी बताकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि डीएपी का सरकारी मूल्य 1210 रूपये है लेकिन किसानों को 1800 रूपये में दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बक्शी तालाब विकास खण्ड में एक बोरी डीएपी के लिए किसान 04 से 05 दिन लाइन में लगा रहता है फिर भी खाद नहीं मिल पाती है।
किसान संघ ने जिलाधिकारी सौंपे ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा को भी भेजी है।
