लखनऊ(हि.स.)। शहर के कई हिस्सों में लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति न होने से उन्हें सरकारी पानी टंकी का सहारा लेना पड़ रहा है। बढ़ते तापमान और गर्मी से परेशान लखनऊ के लोगों के घरों में सुबह-शाम अशुद्ध पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है।
शहर में सुबह के वक्त सात बजे के बाद लोगों के घरों में नल से जल आता है। शाम को भी इसी तरह एक घंटा ही नल से पीने का पानी मिल पाता है। ऐसे में पानी से महक का आना, मिट्टी का आना, पीलापन दिख जाना आम बात है। गोकर्णनाथ मिश्रा मार्ग से लेकर बाबूगंज के बीच तमाम घरों में दूषित पेयजल की समस्या है। बाबूगंज मोहल्ले में नल से आपूर्ति जल शुद्ध नहीं है। बाबूगंज निवासी आशीष अग्निहोत्री के अनुसार सुबह के वक्त सभी को कार्यक्षेत्र में जाने की जल्दी रहती है। सुबह के वक्त स्वच्छ जल न मिलने से सरकारी पानी टंकी की ओर भागना पड़ता है।
बाबूगंज तिराहे पर रहने वाले सुनील तिवारी बताते हैं कि उनके घर में एक घंटे आने वाला जल न ही पीने योग्य है, न ही उससे भोजन पकाया जा सकता है। सुबह के वक्त बड़ा गैलन लेकर गोकर्णनाथ पार्क में जाते हैं और शुद्ध पीने योग्य पानी लेकर आते हैं।
शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों जानकीपुरम विस्तार, पुरनिया, फैजुल्लागंज, खदरा, बुलाकी अड्डा, मोतीझील कालोनी, सदर, तोपखाना, चौक, ठाकुरगंज में लोगों ने समरसेबल पम्प लगवाने शुरू कर दिये हैं। नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की आएदिन सामने आने वाली शिकायतों से तंग आकर लोगों ने यह कदम उठाया है।
अशुद्ध पेयजल की आपूर्ति की समस्या आने पर जल संस्थान पूरी तरह से सजग रहता है। जल संस्थान में बैठे अधिकारी तत्काल ही कार्यवाही कराते हैं। स्थानीय कर्मचारियों की मदद से जल की जांच कर उसे शुद्ध कराने का पूर्ण प्रयास होता दिखता है। बीते दिनों जल संस्थान के कार्यालय में कई शिकायतें पहुंची और उनका 24 घंटें में निराकरण भी हुआ है।
शरद/पवन
