लखनऊ । प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि सरकार गर्भवती महिलाओं के पौष्टिक आहार के लिये 5 हजार रूपये की धनराशि उपलब्ध कराती है, उसका सदुपयोग होना चाहिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बताया की जब मां कुपोषण मुक्त होगी तभी स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त बच्चे पैदा होंगे। इसलिये पौष्टिक आहार एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह कर्तव्य है कि यदि कही पर कुपोषित या टी.बी. रोग से ग्रसित बच्चा दिखाई दे, उसकी देखभाल की नैतिक जिम्मेदारी स्वयं ले। बच्चों के परिवार वालो को उचित देखभाल एवं कुपोषण रोकने के उपायों की जानकारी दें तथा स्वयं उसकी देखभाल भी करें और पोषण सामग्री उपलब्ध करायें तभी हम कुपोषण एवं क्षय रोग मुक्त समाज का निर्माण कर सकेगें।
राज्यपाल श्रीमती पटेल शुक्रवार को वाराणसी में पिंडरा विकासखंड के गंगापुर आंगनबाड़ी केन्द्र का भ्रमण किया तथा वहां पर आयोजित गोद भराई तथा अन्नप्रासन कार्यक्रमों में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों से संवाद किया उन्हें पठन-पाठन एवं खेल-कूद सामग्री तथा फल एवं मिठाई भेंट की जबकि मीरा देवी, गीता देवी व मनीषा देवी को फल, मिष्ठान व अनाज की डलिया देते हुए गोद भराई की। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने जनमानस से अपील की कि वे अपने बच्चों के जन्मदिन या अपनी शादी की वर्षगांठ आंगनबाड़ी केन्द्रांे पर मनायंे ऐसा करने से आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों का उत्साह बढ़ेगा तथा उनमंे भी आत्मविश्वास पैदा होगा।
लखनऊ : कुपोषण एवं क्षय रोग मुक्त समाज का निर्माण करें-राज्यपाल
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