लखनऊ (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2022 के लिये बनायी रणनीति में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा को लखनऊ के किसी सीट से चुनाव लड़ाने की मंशा जाहिर की है। लखनऊ की पूर्व, पश्चिम, कैण्ट विधानसभाओं से डाॅ. दिनेश शर्मा चुनाव लड़ सकते है।
लखनऊ में डाॅ. दिनेश शर्मा का नाम सन 1992 में पहली बार उस समय सामने आया, जब वे लखनऊ विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में अध्यापन कार्य शुरु किया। भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता डाॅ.दिनेश शर्मा लखनऊ के दो बार महापौर भी रहे हैं। वर्ष 2006 में स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने डाॅ.शर्मा के चुनाव में अपना अंतिम और यादगार भाषण दिया था।
वर्ष 2014 में भारत में बड़े राजनीतिक परिवर्तन हुये और इसी वक्त डाॅ.दिनेश शर्मा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुए। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद बतौर सदस्य विधान परिषद उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार के इतिहास को दोहराने के लिये पार्टी के संगठन नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रदेश के प्रमुख चेहरों को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। प्रदेश में स्वच्छ छवि रखने वाले नेताओं में डॉ.दिनेश शर्मा का नाम ऊपर है। प्रदेश की राजधानी में उनकी प्रत्येक जाति, धर्म में पर्याप्त पकड़ भी है।
लखनऊ में दो विधानसभा सीटें खाली है। तेजतर्रार विधायक सुरेश श्रीवास्तव के कोरोना से निधन होने के बाद लखनऊ पश्चिम सीट और रीता बहुगुणा जोशी के प्रयागराज चले जाने के बाद लखनऊ कैण्ट विधानसभा सीट खाली हो गयी। दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में डाॅ.दिनेश शर्मा के समर्थकों की संख्या है। इसके अलावा लखनऊ पूर्व विधानसभा क्षेत्र में डा.दिनेश शर्मा के सबसे ज्यादा समर्थक आज भी है। लखनऊ पूर्व से पिछला चुनाव आशुतोष टण्डन ने लड़ा था और जीतकर कैबिनेट मंत्री भी बने थे।
मास्टर कन्हैया लाल मार्ग, ऐशबाग स्थित आवास से अपने तमाम राजनीतिक निर्णयों को करने वाले डाॅ. दिनेश शर्मा के चुनाव लड़ने पर अंतिम मोहर लगते ही भाजपा की महानगर और क्षेत्रीय इकाईयों के पदाधिकारी सीट चयन में भूमिका निर्वहन करेंगे। वैसे, भाजपा के महानगर व क्षेत्रीय टीम में कई पदाधिकारी स्वयं ही कैण्ट और पश्चिम विधानसभा से टिकट मांग रहे है।
