लखनऊ (हि.स.)। तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की राजधानी लखनऊ जलमग्न हो गई है। बरसात का पानी घरों और कार्यालयों में घुस गया है। सड़कें तो छोटी नदी में तब्दील हो गई हैं। ऐसे में शुक्रवार को शहर के हालात का जायजा लेने के लिए मंडलायुक्त रौशन जैकेब हाथों में चप्पल लेकर घूटनों तक भरे पानी में नंगे पांव सड़कों पर उतरी। जबकि नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी अपने घरों में दुबके नजर आये। हालांकि जब इसकी जानकारी नगर आयुक्त को हुई तो वह भी शहर का दौरा करने निकले। मंडलायुक्त का यह वीडियो और फोटो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। ऐसी महिला अफसर के ्कार्य को लेकर चारों तरफ तारीफें हो रही है।
भारी बारिश के बीच अधिकांश लोग जब अपने घरों में सो रहे थे तो मण्डलायुक्त डॉ. रोशन जैकब अपने कर्मचारियों के साथ सुबह चार बजे के करीब शहर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर रही थीं। उन्होंने सबसे पहले कैंट स्थित दिलकुशा में दीवार गिरने की सूचना प्राप्त होते ही दिलकुशा पहुंचकर दुर्घटना स्थल का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना कल रात से हो रही बारिश के कारण निर्माणाधीन दीवार के गिरने से हुई है। इसमें दुर्घटना में नौ लोगों की मृत्यु और दो लोग घायल हुए हैं। घायलों को सिविल हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद मण्डलायुक्त ने सिविल अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और डॉक्टर को निर्देश दिया गया कि घायलों को उच्च उपचार मुहैया कराया जाए।
इसके बाद मण्डलायुक्त ने इंजीनियरिंग कॉलेज जानकीपुरम, राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, रिवरफ्रंट कॉलोनी फैजुल्लागंज के गणेश पुरम कॉलोनी शक्ति नगर ढाल, बाढ़ पंपिंग स्टेशन बैरल तृतीय कुकरेल स्थानों के निरीक्षण किया और साथ ही साथ जलकल विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान फैजुल्लागंज में देखा कि नाले के ऊपर अवैध निर्माण कराया गया है। उन्होंने तत्काल अवैध निर्माण तोड़ने के निर्देश दिए गए और साथ ही साथ बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण व अवस्थापना से गोमती नगर ड्रेनेज का काम और फैजुल्लागंज में ड्रेनेज के काम के लिए 30 करोड़ रुपये जो स्वीकृत हुए हैं उससे तत्काल कार्य कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को जानकीपुरम, टेढ़ी पुलिया पंपिंग स्टेशन में क्षमता वृद्धि सबंधित डीपीआर बनाने के निर्देश दिये और कहा कि ड्रैनेज के जो कार्य लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत हैं, उस कार्य को तत्काल कराया जाए।
उन्होंने बताया कि राजकीय चिकित्सालय, सीएससी, पीएससी 24 घंटे खुले और हाई अलर्ट पर रहेंगे। जल जनित रोगों के उपचार की व्यवस्था अपने अस्पताल में सुनिश्चित करा लें और औषधि इत्यादि की व्यवस्था, रोगी वाहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करा ली जाए।
दीपक
