लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी का नाम बदलने को लेकर सियासी घमासान होता रहा है। इस बार लखनऊ के नाम बदलने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गयी है। प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता के लखनऊ का नाम बदलकर लखनपुरी किये जाने की बात के बाद समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आरजेडी जैसी पार्टियों के प्रवक्ताओं के बयान सामने आये हैं।
लखनऊ के नाम बदलने को लेकर सियासी घमासान में आरजेडी भी कूद पड़ी है। आरजेडी के प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद मनोज झा ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में एक नया मंत्रालय बना देना चाहिए, जिसे ”नाम बदलो मंत्रालय” नाम देना चाहिए। मनोज झा ने चुटकी लेते हुए कहा कि नाम बदलने की राजनीति में उत्तर प्रदेश दो कदम आगे निकल गया है।
नाम बदलने की बात पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा के सांसद कोई काम नहीं कर रहे हैं इसलिए उन्हें नाम बदलने की राजनीति करनी पड़ रही है। लखनऊ का नाम बदलना चाहते हैं, इसके पहले यह तय कर लें कि और कितने नाम बदलेंगे।
लखनपुरी नाम की चर्चा पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन ने कहा कि वर्तमान सरकार आज-कल नाम बदल कर काम चला रही है। चर्चा में बने रहने के लिए काम जरुरी हैं, तो यहां नाम बदल कर सुर्खियां बटोरी जा रही हैं। लखनऊ का अपना इतिहास है, इसका नाम बदलने की बात कर इतिहास बदलने की कोशिश की जा रही है।
लखनऊ का नाम बदलने की बात पर उत्तर प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, प्रवक्ताओं का भी बयान सामने आ रहे हैं। सभी अपने दृष्टि से राजधानी का नाम बदलने वाला भाजपा सांसद के बयान को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। प्रदेश की विपक्षी दलों द्वारा भाजपा सांसद संगम लाल को भी उनके बयान पर घेरे में लेकर राजनीतिक चर्चा ने तूल पकड़ लिया है। राजनीतिक दलों का कहना है कि संगम लाल प्रतापगढ़ के सांसद है और वह लखनऊ के नाम को लेकर चिंतित क्यों हैं।
शरद
