सनी गिरोह से जुड़कर अपराध जगत में चर्चा में आया
वाराणसी (हि.स.)। दुस्साहसी दो लाख के ईनामी मनीष सिंह उर्फ सोनू को उसके तमाम पैतरेबाजी के बावजूद प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आखिरकार सोमवार को मार गिराया। स्थानीय पुलिस अफसरों के अनुसार मनीष सिंह और उसके ईनामी साथी रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू को पुलिस ने नवम्बर 2020 में जैतपुरा क्षेत्र में मुठभेड़ में घेर लिया था। दोनों तरफ से फायरिंग के बीच रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू मारा गया था । लेकिन मनीष फायरिंग करते हुए पुलिस का घेरा तोड़ कर भाग निकला था। इसके बाद से ही पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस के दबाब को देख मनीष बिहार और नेपाल में ठिकाने बदल-बदल कर रह रहा था।
लंका थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर का मूल निवासी मनीष चोलापुर के सुलेमापुर में भी रहता था। हाल के दिनों में मनीष सिंह सोनू का नाम 5 अप्रैल 2021 को शूलटंकेश्वर के पास हुई एनडी तिवारी हत्याकांड में भी उछला था। 28 अगस्त 2021 को चौकाघाट काली मंदिर के पास हुए डबल मर्डर की घटना में सोनू सीसीटीवी फुटेज के जरिये चिन्हित हुआ था। डबल मर्डर में सोनू का नाम आने पर एडीजी जोन की संस्तुति पर दो लाख का इनाम कर दिया गया था। तब से पुलिस उसके पीछे लगी हुई थी।
पुलिस अफसरों के अनुसार मनीष सिंह अपने मुठभेड़ में मारे गये सनी सिंह के साथ लूट और अन्य अपराधिक वारदात करता था। सनी के मारे जाने के बाद इनामी रौशन गुप्ता किट्टू, रईस बनारसी के साथ गिरोह बनाकर अपराध करने लगा। 26 नवम्बर 2020 को वाराणसी क्राइम ब्रांच ने किट्टू को घेर कर मुठभेड़ में मार गिराया तो मौजूद रहा सोनू भाग निकला। इसके बाद रईस भी मारा गया तो वह नये बदमाशों के साथ मिलकर लूट, हत्या के साथ कई जिलों में व्यापारियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलने लगा। सितम्बर 2020 में भी मिर्जापुर के चुनार में एक कम्पनी के अधिकारी से रंगदारी मांगने और हत्या के मामले में नाम सामने आया था। पुलिस अफसरों के अनुसार सोनू पर कुल 32 मुकदमें दर्ज हैं। मनीष नए लड़कों को शूटर के रूप में तैयार करने का काम भी करता था। उसके गैंग में जितेन्द्र जायसवाल, बुच्ची सिंह जैसे मनबढ़ अपराधी भी शामिल हैं। मुठभेड़ में मारे गये मनीष सिंह के पास से फैक्ट्री मेड कार्बाइन और 20 कारतूस बरामद हुए हैं।
श्रीधर
