लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर के नैक एक्रीडेशन हेतु प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। राज्यपाल ने कुलपति से कहा कि रोजगारपरक कोर्स को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
आनंदीबेने पटेल ने विश्वविद्यालय की नैक टीम के सदस्यों से उनके शैक्षणिक अनुभव, शोध कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्हें विश्वविद्यालय के हित में अनुभवों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने कहा कि क्राइटेरिया के हेड अन्य नैक ग्रेडिंग प्राप्त विश्वविद्यालय की एस0एस0आर0 रिपोर्ट का अध्ययन कर अपने विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण सुधार करते हुए प्रस्तुतिकरण को भी सुदृढ़ करें। उन्होंने सभी टीम सदस्यों को एक साथ बैठकर एसएसआर तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें आपसी तालमेल के साथ रिपोर्ट और तथ्यों का समान आदान-प्रदान करके रिपोर्ट को सशक्त किया जा सके। उन्होंने सम्पूर्ण प्रस्तुतिकरण को एक जैसे फार्मेट पर बनाने को कहा।
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि विभिन्न एनजीओ से समन्वय स्थापित करते हुए गांव में बाल विवाह, दहेज प्रथा के उन्मूलन हेतु जागरूकता का प्रसार के भी प्रयास किए जाएं। आवंटन भी करें। प्रस्तुतिकरण में फोटो की पुनरावृत्ति ना हो।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरिबहादुर श्रीवास्तव ने राज्यपाल को अवगत कराया कि इस विश्वविद्यालय को वर्ष 2015 में स्थापित किया गया था और वर्ष 2020 में 05 वर्ष पूर्ण करके नैक ग्रेडिंग की अर्हता प्राप्त हो चुकी है। इस क्रम में विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन हेतु सेल्फ स्टडी रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा पंकज जॉनी, विश्वविद्यालय द्वारा गठित नैक मूल्यांकन तैयारी की टीम के सदस्य तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बृजनन्दन/राजेश
