कानपुर (हि.स.)। महानगर में किसी भी आयोजन के रोक के बावजूद वामसेफ के 37वें प्रान्तीय अधिवेशन में कार्यकताओं की भीड़ पहुंच गई। पुलिस ने कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में लिया, जिसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने धरना दे दिया। मामले में गोविन्द नगर थाना प्रभारी का कहना है कि आयोजन नहीं हो सका है। सुरक्षा के मद्देजनर कार्यक्रम स्थल को पुलिस बल तैनात किया गया था।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को मेरठ में बामसेफ के अध्यक्ष बामन मेश्राम के द्वारा दिये गए बयान तथा 3 जून को हुई हिंसा का हवाला देते हुए गोविंद नगर के रूप विजय गेस्ट हाउस में प्रस्तावित 37वें प्रान्तीय अधिवेशन पर पाबन्दी लगा दी गई थी। पुलिस आयुक्त ने अधिवेशन पर रोक के पीछे खुफिया रिपोर्ट और महानगर में धारा 144 लागू होने का दावा किया।
राेक के बावजूद रविवार को कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बामसेफ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष छेदी कोरी और राष्ट्रीय प्रचार मंत्री गौतम मंचोडे समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी शहर पहुंचे। जिन्हें कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले बाहर ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसकी सूचना जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तो वहां पहले से आ चुके एक से डेढ़ हजार समर्थक धरने पर बैठ गए।
जिला प्रचार मंत्री प्रदीप कुमार ने बताया कि कई पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया था, उन्हें छोड़ाने के लिए बातचीत चल रही है। अधिवेशन का उद्घाटन राघव सिंह सैंथवार को कराना था और बतौर मुख्य अतिथि चौधरी विकास पटेल एवं डा. आर चंद्रा को शिरकत करना था। अध्यक्षता बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम को करना था लेकिन प्रशासन की सख्ती की वजह से ये सभी पदाधिकारी शहर नहीं आ सके। इसकी वजह से प्रांतीय अधिवेशन को निरस्त कर दिया गया है।
राम बहादुर
