गाजियाबाद(हि.स.)। भारत की प्रथम रीजनल रेल के परिचालन के लिए गाज़ियाबाद के दुहाई डिपो में बनाये जा रहे आरआरटीएस के प्रशासनिक भवन (एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग) बनकर तैयार हो गया है। अब यहीं से दुहाई डिपो का प्रबंधन होगा। इस प्रशासनिक भवन में तकनीक के विभिन्न मॉडर्न सिस्टम से युक्त आधुनिकतम लैब, सिमुलेटर रूम, ऑटोमेटेड फेयर कलेक्शन (एएफसी) के सेंट्रल वर्क स्टेशन, विभिन्न इक्विपमेंट रूम आदि बनाए जा रहे हैं।
एनसीआरटीसी के पीआरओ पुनीत वत्स ने बताया कि भवन के कमरों में अलग-अलग प्रकार की सॉफिस्टिकेटेड सिस्टम युक्त लैब जैसे ऑटोमेटेड फेयर कलेक्शन (एएफसी) लैब, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) लैब, सुपरवाइसरी कंट्रोल और डेटा एक्विज़िशन (एससीएडीए) लैब, टेलिकॉम लैब आदि, इक्विपमेंट रूम जैसे सिग्नल इक्विपमेंट रूम और टेलिकॉम इक्विपमेंट रूम, आईटी सरवर रूम, ब्रिज मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) पैनल रूमके लैस किये हैं।
बताया कि यहां सिमुलेटर रूम भी बनाया गया है, जहां अपने तरह की यूनिक सिम्युलेटर से ट्रेन के प्रशिक्षुओं को ट्रेन के परिचालन और उसके सिस्टम के विषय में जानकारी दी जाएगी। साथ ही रियल टाइम और रियल सिचुएशन में कैसे कार्य किया जाए, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।
बताया कि यहां ट्रेनियों के लिए लेक्चर हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम तथा लाइब्रेरी भी बनाई जा रही है। साथ ही उनके खाने-पीने और ब्रेक के लिए एक रीक्रिएशन रूम और कैफेटेरिया का भी निर्माण इसी बिल्डिंग में किया जा रहा है।
आरआरटीएस की ट्रेनों के लिए दो डिपो ओर एक स्टेबलिंग यार्ड क्रमश: दुहाई डिपो, मोदीपुरम और जंगपुरा में बनाये जा रहा है। प्रायोरिटी सेक्शन के निकटतम परिचालन के लिए दुहाई डिपो को तेजी से तैयार किया जा रहा है।
दहाई डिपो के प्रशासनिक इमारत से ट्रेनों के परिचालन और संबंधित प्रक्रियाओं का कंट्रोल और मॉनिटर करने का काम किया जाएगा।
फरमान अली
