– अब विद्युत आपूर्ति के कार्यों में भी आई तेजी
गाजियाबाद(हि.स.)। रैपिड रेल प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य लगातार गति पकड़ रहा है। इसी कड़ी में आरआरटीएस कॉरिडॉर के 17 किमी लंबे प्रायोरटी सेक्शन में सिविल निर्माण के साथ आरआरटीएस वायडक्ट पर इलैक्ट्रिकल ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) के इन्स्टालेशन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है।
एनसीआरटी सी के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर देश का प्रथम रैपिड रेल कॉरीडोर है जो एनसीआर में परिवहन के ग्रीन मोड के रूप में काम करेगा। इलैक्ट्रिक ट्रैकशन से चलने वाली रेल आधारित परिवहन प्रणाली होने के कारण इसमें सड़क पर चलने वाले वाहनों में इस्तेमाल होने वाले जीवाश्म ईंधन की तुलना में 1/5 वीं ईंधन की खपत होगी।
उन्होंने बताया कि ओएचई वो विद्युत उपकरण होते हैं जिसके द्वारा ट्रेन मे विद्युत की आपूर्ति होती है और जिससे ट्रेन चलती है। एनसीआरटीसी देश में पहली बार 180 कीमपीएचके डिज़ाइन स्पीड वाले उच्च गति व आवृति वाले आरआरटीएस का निर्माण कर रहा है। जिसके लिए उपयुक्त इलैक्ट्रिकल ओवेरहेड ईक्विपमेंट, मास्ट व अन्य उपकरण विशेष प्रकार से डिज़ाइन किए गए है और बनाए जा रहे जो एलिवेटेड सेक्शन के लिए मौजूदा 25 केवी ट्रैक्शन सिस्टम का एक उन्नत संस्करण होगा।
वत्स ने बताया कि ओएचई इन्स्टालेशन प्रक्रिया ऊंचाई पर की जाती है और काम करते समय कई तरह की सावधानियां बरती जाती है। एनसीआरटीसी इन सभी कार्यों को करने के पहले उचित सुरक्षा ऑडिट कराता है और एक्स्पर्ट्स के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य पूरे किये जाते है ।
ओएचई इस्टालेशन के बाद ट्रेन चलाने के लिए आगे की प्रक्रिया और आवश्यक टेस्टिंग की जाएगी।
