गाजियाबाद( हि. स.)। रैपिड रेल परियोजना लगातार गति पकड़ रही है। परियोजना के दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के 15 किलो मीटर से अधिक भाग में कुल 533 पिलर बनकर तैयार हो गए हैं। इसकी कुल लम्बाई करीब 82 किलो मीटर है। साथ ही आरआरटीएस वायडक्ट (जिस पर ट्रेन चलती है) का लगभग 3.5 किमी हिस्सा भी निर्मित हो चुका है।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने रविवार को बताया कि वर्तमान में 10 लॉन्चिंग गैंट्रीज (तारिणी) आरआरटीएस वायडक्ट के बाकी हिस्सों के निर्माण के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं जोकि किसी भी शहरी परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के निर्माण के लिए एक प्रमुख उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि साहिबाबाद और दुहाई के बीच 17 किमी प्राथमिकता खंड पर चार स्टेशनों साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलदार और दुहाई का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है। इन स्टेशनों के लिए सुपरस्ट्रक्चर का निर्माण कार्य जारी है। 17 किमी प्राथमिकता वाले खंड में से 16 किमी स्ट्रेच का आरआरटीएस वायडक्ट के फाउंडेशन का कार्य भी अब लगभग पूरा हो चुका है। जबकि दिल्ली के साथ-साथ मेरठ के अन्य स्टेशनों के फाउंडेशन का काम भी शुरू कर दिया गया है। इनका डिजाइन और आर्किटेक्चर कार्य अंतिम चरण में है।
वत्स ने बताया कि वह यमुना नदी पर 1.35 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। यह यमुना नदी पर आने वाला 17 वां पुल होगा। बतादे कि साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी के प्राथमिकता वाले खंड को 2023 तक और 2025 तक पूर्ण कॉरिडोर को शुरू करने का लक्ष्य है।
रैपिड रेल परियोजना : दिल्ली-गाजियाबाद, मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के 533 पिलर बनकर तैयार
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