मेरठ (हि.स.)। ई-रिक्शा डिस्ट्रीब्यूटर की फाइल पास के बदले रिश्वत लेने पर एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को आरटीओ कार्यालय के क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपित के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के अहमदनगर निवासी अफजाल के पास बादशाह कंपनी की ई-रिक्शा की डिस्ट्रीब्यूटरशिप है। ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन के लिए उनकी फाइल आरटीओ कार्यालय में अटकी हुई थी। आरटीओ कार्यालय के क्लर्क मुंशी लाल उन पर रिश्वत का दबाव बना रहे थे। रिश्वत नहीं देने पर फाइल को लटकाया हुआ था। आरटीओ से शिकायत करने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अफजाल ने एंटी करप्शन विभाग में लिखित शिकायत की। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने मुंशीलाल को रंगे हाथ पकड़ने की योजना तैयार की। एक सप्ताह तक एंटी करप्शन ने क्लर्क की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने अफजाल को 7500 रुपए लेकर आरटीओ भेजा। जैसे ही अफजाल ने क्लर्क मुंशीलाल को रुपए दिए, तभी एंटी करप्शन टीम ने क्लर्क को दबोच लिया। इसके बाद टीम आरोपित बाबू को हिरासत में लेकर नौचंदी थाने पहुंची। नौचंदी थाने में आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एंटी करप्शन टीम आरोपित क्लर्क से पूछताछ करने में जुटी है।
कुलदीप
