लखनऊ (हि.स.)। लोक सभा का सत्र शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष द्वारा सबसे पहले राहुल गांधी की सदस्यता बहाल किये जाने का निर्णय सुनाया जाना चाहिए। जैसे निचली अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद तुरंत सदस्यता समाप्त की गयी थी, वैसे ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने पर संसद की सदस्यता बहाल कर देनी चाहिए। ये बातें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने रविवार को कही।
उन्होंने संसदीय नियमों तथा संविधान में वर्णित प्राविधानों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को सदस्यता समाप्त किये जाने के आदेश को संशोधित करते हुए संसद सदस्यता पुनः स्थापित किये जाने का निर्णय सुनाना चाहिए। संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा तय है। ऐसे में अध्यक्ष लोक सभा को तत्काल यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई में संसद सदस्य के रूप में राहुल गांधी प्रतिभाग कर सकें।
उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव सदन में अत्यन्त महत्वपूर्ण हुआ करता है। राजनैतिक तथा संवैधानिक व परम्परागत दृष्टि से भी अविश्वास प्रस्ताव में उस सदन के सदस्य को शामिल होने का पूर्ण अधिकार है। ऐसे में जब सजा पर रोक का आदेश लोकसभा सचिवालय को मिल गया है तो राहुल गांधी को सदन की कार्यवाई में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को सदन शुरू होते ही अध्यक्ष लोक सभा सबसे पहले राहुल गांधी की सदस्यता का आदेश सुनाना चाहिए।
श्री तिवारी ने कहा कि कोई भी जन प्रतिनिधि चाहे वह सांसद हो अथवा विधायक हो, उसके निर्वाचन क्षेत्र की जनता के भी मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए संविधान में इस प्रकार के निर्णय लिये जाने का सुस्पष्ट दिशा निर्देश है।
उपेन्द्र/सियाराम
