Sunday, February 15, 2026
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राष्ट्रीय : सेना प्रमुख बोले, संघर्ष विराम सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर

 ​पाकिस्तान से शांति-समझौते के 100 दिन पूरे होने पर एलओसी पहुंचे ​नरवणे​ 
– ​स्थिति​यां अनुकूल होने पर ​एलओसी से घटाई जा सकती है सैनिकों की​ संख्या 
 
नई दिल्ली (हि.स.)​​।​ ​​भारत-पाकिस्तान के बीच ​​​​एलओसी पर शांति-समझौते के 100 दिन पूरे होने पर गुरुवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम ​​नरवणे​ ने कहा कि फिलहाल संघर्ष विराम जारी है, जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर​ है​। ​​कश्मीर के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन ​​​एमएम नरवणे ने नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। ​दौरे के पहले दिन उन्होंने सैन्य कमांडरों ​और ​उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की​​​ थी।
​भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (डीजीएमओ) के बीच इसी साल हॉटलाइन पर बातचीत के बाद 24/25 फरवरी, 2021 की मध्य रात्रि से ​2003 ​में हुआ सीजफायर ​का ​समझौता लागू करने ​पर सहमति बनी थी। ​इसके तहत तय हुआ था कि दोनों देशों की सेनाएं लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर फायरिंग और गोलाबारी नहीं करेंगी। अगर सैनिक ऐसा करते हैं तो दोनों देशों की सेनाओं के स्थानीय कमांडर्स बातचीत से मामले को सुलझाएंगे।​ हालांकि ​इस​​के बाद से सीमा पर ना तो फायरिंग हुई और ना ही गोलाबारी की कोई घटना सामने आई​ लेकिन​ ​​समझौते के तीन माह पूरे होने पर सेना अध्यक्ष ​​दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को कश्मीर घाटी पहुंचे हैं। ​
इस ​संघर्ष विराम समझौते के​ ​100​वें दिन सेना प्रमुख ​ने ​​गुरुवार को ​​संघर्ष विराम को लेकर रुख ​साफ किया।​ उन्होंने ​​​​​कहा कि अगर ​​स्थिति​यां अनुमति ​देंगी​ तो जम्मू-कश्मीर में सैनिकों की​ संख्या कम ​की जा सकती है। फिलहाल संघर्ष विराम जारी है जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है।​ ​​स्थानीय कमांडरों ने ​उन्हें मौजूदा सुरक्षा स्थिति और आतंकवादियों ​की घुसपैठ रोकने के लिए किए गए उपायों के बारे में जानकारी दी।​ ​​​सेना प्रमुख ने सैनिकों के साथ भी बातचीत की और उनके उच्च मनोबल और परिचालन तैयारियों की उच्च स्थिति के लिए उनकी सराहना की।​ हालात का जायजा लेने के बाद सेना अध्यक्ष ने सुरक्षा और कोरोना महामारी के मोर्चों पर डटे जवानों की पीठ थपथपाई।​​

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