– प्रयासों के बावजूद नहीं रुका रिसाव, 11 दिन से फंसे जहाज में है 80 हजार लीटर डीजल – मछुआरों ने 2-3 दिनों में डीजल का रिसाव न रोके जाने पर दी आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली (हि.स.)। चक्रवात ताउते की तूफानी लहरों के बीच समुद्र में फंसे बार्ज गैल कंस्ट्रक्टर से 11 दिन बाद डीजल का रिसाव शुरू हो गया है। इस जहाज में 80 हजार लीटर डीजल है, जिसका रिसाव रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और वायुसेना के हेलीकाप्टरों को भी लगाया गया है। इसके बावजूद लगातार समुद्र में डीजल बहने से अब तक लाखों मछलियां मर चुकी हैं, जिससे मछुआरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। इसी वजह से मछुआरों ने 2-3 दिनों में डीजल का रिसाव न रोके जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
अरब सागर में 17 मई को उठे ताउते तूफान में मुंबई के बॉम्बे हाई के पास तेल उत्खनन के काम में लगे ओएनजीसी के बार्ज पी-305 और बार्ज गैल कंस्ट्रक्टर समुद्र में बह गए थे। दोनों जहाजों को भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने उसी दिन देर शाम को ढूंढ निकाला और इन जहाजों में फंसे 410 कर्मियों को बचाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया।बार्ज पी-305 पर 273 और बार्ज गैल कंस्ट्रक्टर पर 137 लोग सवार थे। बार्ज गैल कंस्ट्रक्टर चक्रवाती तूफान के बाद पानी के तेज बहाव के साथ कोलाबा पॉइंट के उत्तर में लगभग 48 समुद्री मील दूर बह गया। ओएनजीसी के बार्ज गैल कंस्ट्रक्टर में सवार 137 लोगों को बचाने के लिए नेवी की ओर से सपोर्ट भेजा गया था। इस नाव को बचाने के लिए तटरक्षक बल ने भी अपने जहाज आईसीजीएस सम्राट और अन्य 4 जहाजों को भेजा।
राष्ट्रीय : समुद्र में फंसे जहाज से डीजल का रिसाव शुरू, लाखों मछलियां मरीं
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