Saturday, April 11, 2026
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राष्ट्रीय चंबल सैंक्चुअरी में मादा तेंदुए ने जन्मा दो शावक, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट

चंबल में तेंदुओं का बढ़ रहा कुनबा, 80 के करीब पहुंची संख्या

इटावा (हि.स.)। जंगली जीवों के लिए राष्ट्रीय चंबल सैंक्चुअरी मुफीद बनता जा रहा है। यही नहीं घड़ियाल और मगरमच्छ के लिए भी यह क्षेत्र अनुकूल है। यहां पर ऐसे जीवों की संख्या में बराबर इजाफा हो रहा है और हाल ही में उदी-चकरनगर मार्ग पर चिकनी टावर के पास मादा तेंदुए ने दो शावकों को जन्म दिया है और दोनों शावक नर बताये जा रहे हैं। इसको देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट किया है उस स्थान से दूर रहें क्योंकि शावकों के आस पास मादा विचरण कर रही है।

राष्ट्रीय चंबल सैंक्चुअरी बाह से लेकर भरेह तक के करीब 165 किमी लंबे बीहड़ इलाके तक फैली हुई है। इस प्राकृतिक क्षेत्र पर जंगली जीव विचरण करते हैं और चंबल नदी में भी जलीय जीव अपने को अनुकूल वातावरण महसूस करते हैं। इस इलाके में वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक करीब 70 से 80 तेंदुए रह रहे हैं। हालांकि इसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है, लेकिन एनजीओ की गणना और ग्रामीणों व चरबहों की जानकारी के अनुसार इनका आंकलन किया गया है।

तेंदुओं के लिए यह क्षेत्र मुफीद माना जा रहा है और करीब 10 दिन पूर्व एक मादा तेंदुए ने चिकनी टावर के प्राकृतवास में दो नर शावकों को जन्म दिया है। वन विभाग के अफसरों में इसको लेकर खुशी का माहौल है। चंबल सैंक्चुअरी के अधिकारियों ने यह सूचना मिलते ही इस इलाके में ग्रामीणों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। आसपास के गांव के लोगों को यह हिदायत दी गई है कि वह उस इलाके में न जाएं जहां मादा शावक अपने बच्चों के पास रह रही है।

चार माह तक दूर रहें ग्रामीण

डीएफओ चंबल आगरा दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी पर खोजबीन की गई तो एक स्थान पर मादा तेंदुए के दो शावक पाये गये उसके बाद उन इलाकों को जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। हालांकि वहां पर कोई आबादी भी नहीं है पूरा जंगल है। विभाग के कर्मचारी को देखरेख के लिए तैनात किया गया है। मादा तेंदुआ अपने बच्चों की चार माह तक देखभाल करेगी। एक माह तक शावक अपनी मां का दूध पीयेंगे उसके बाद थोड़ा भोजन खाना शुरू करेंगे। पांच से छह माह के होने के बाद शावक जंगल में विचरण करने लगेंगे। इन चार माह तक मादा तेंदुआ केवल भोजन के लिए बाहर जाएगी बाकी पूरे समय वहीं आसपास रहेगी।

अजय/मोहित

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