लखनऊ (हि.स.)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयन्त सिंह के निर्देश पर गुरूवार को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर पदाधिकारी व कार्यकर्ता जुटे। इस दौरान मणिपुर हिंसा और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर आवाज बुलंद की गई। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपा और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की।
राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयन्त सिंह के निर्देश पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार आज पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर रालोद की जिला एवं महानगर इकाइयों द्वारा मणिपुर हिंसा को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया।
उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में सौंपे गए ज्ञापन में रालोद नेताओं द्वारा अवगत कराया गया कि मणिपुर राज्य में विगत चार मई को घटित दुर्भाग्यपूर्ण एवं बर्बरतापूर्ण घटना बेहद अफसोस और चिंताजनक है। मणिपुर में महिलाओं के साथ जो घटना घटित हुई है वह मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। केन्द्र सरकार और मणिपुर सरकार ने इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी को मूकदर्शक बनकर होने दिया, जिसने मणिपुर के नाजुक सामाजिक ताने बाने को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। साथ ही मणिपुर हिंसा ने दूसरे पूर्वोत्तर राज्यों में भी तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। बड़े अफसोस की बात है कि मणिपुर में बढ़ रहे संवैधानिक संकट पर संसद के दोनों सदनों में कोई चर्चा नहीं हुई और न ही देश के प्रधानमंत्री ने सदन की कार्यवाही में शामिल होकर अपना वक्तव्य दिया।
रालोद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि ज्ञापन में रालोद नेताओं ने मांग की कि मणिपुर में सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए तथा सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए, जिससे मणिपुर नरसंहार की निष्पक्ष जांच हो सके। इसके अलावा मणिपुर में महिलाओं, आदिवासी, दलितों तथा गरीबों के साथ हो रहे उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगायी जाए तथा मणिपुर हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा मुहैया कराया जाए। इस मौके पर लखनऊ महानगर अध्यक्ष आशीष कुमार तिवारी, रजनीकांत, आरिफ महमूद, प्रीति श्रीवास्तव, राहुल रावत, रमावती तिवारी, नौसाद रजा आदि मौजूद रहे।
मोहित/बृजनंदन
