रायबरेली(हि.स.)। अस्पताल में दवाएं मरीजों को न देकर आग के हवाले किया जा रहा है। ताजा मामला रायबरेली के एक समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां लाखों रुपये की दवाइयों को आग लगाकर नष्ट कर दिया गया। इस मामले को संज्ञान में आने के बाद एसडीएम और उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने जांच शुरु कर दी है।
जिले के लालगंज स्तिथ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को परिसर में ही एक कोने में दवाइयों के ढेर को लोगों ने सुलगते हुए देखा। उसके पास ही भारी मात्रा में दवाइयां फेंकी गई थी। लोगों ने इसकी जानकारी एसडीएम और सीएमओ को दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम विजय कुमार और नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश ने जब जांच शुरू की तो अस्पताल के जिम्मेदारों द्वारा यह बताया गया कि सब एक्सपायरी दवाएं हैं, जबकि सभी रेपर पर एक्सपायरी डेट चार पांच महीने बाद आने वाली है। इसका कारण जब एसडीएम ने जानना चाहा तो चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव गौतम संतोषप्रद जबाब नहीं दे सके। इसके बाद एसडीएम ने बची दवाओं को बाहर निकलवाया और बोरे में भरवाकर रखवा दिया है और पूरे मामले की जांच शुरु कर दी।
30 सितम्बर को अस्पताल में लखनऊ से आ रही एक उच्चस्तरीय टीम द्वारा जांच किया जाना है,संभावना जताई जा रही है ये दवाएं भी जांच से बचने के लिए नष्ट की जा रही हैं। सीएमओ द्वारा इसको लेकर भेजी गई अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह व अनिल कुमार सिंह की टीम द्वारा दवाओं का स्टॉक व वितरण रजिस्टर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है। उपजिलाधिकारी विजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जायेगी।
