Wednesday, January 14, 2026
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रामायण कान्क्लेव कला शिविर में पहुंचे पर्यटन मंत्री नीलकंठ, कलाकारों की प्रतिभा को जमकर सराहा

-कलाकारों ने संपूर्ण रामायण ही कैनवास पर उतार दिया

-मंत्री बोले, अद्भुत चित्रकला प्रेमियों के लिए सुलभ होना चाहिए

वाराणसी (हि.स.)। तीन दिवसीय रामायण कान्क्लेव कला शिविर के अन्तिम दिन शुक्रवार शाम कलाकारों ने अपनी कूची से रामायण के खास प्रसंगों को जीवंत कैनवास पर उकेर दी। अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से सिगरा रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित शिविर में रामायण के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित चित्र बनाए गए। शिविर में पहुंचे संस्कृति पर्यटन व धमार्थ कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी ने भी कलाकारों की प्रतिभा को जमकर सराहा। कैनवास पर रामायण के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित चित्रण का अवलोकन कर मंत्री ने कहा कि इतना महत्वपूर्ण और अद्भुत चित्रकला प्रेमियों के लिए दर्शन सुलभ होना चाहिए। इस पर अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ लवकुश द्विवेदी ने बताया कि इसे रामायण कॉन्क्लेव के समापन पर अयोध्या के और उसके बाद अयोध्या शोध संस्थान के संग्रहालय में कला प्रेमियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

इसके पहले 120 गुणे 7 फिट के कैनवास पर 10 मुख्य और 40 सहयोगी कलाकारों ने ऐक्रेलिक माध्यम में विभिन्न शैलियों में अपनी कूची का ऐसा कमाल दिखाया कि लगा तूलिका स्वयं रामकथा सुना रही है। कलाकारों ने संपूर्ण रामायण ही कैनवास पर उतार दिया। इसमें महर्षि बाल्मीकि जी रामायण लिखते हुए, बाल रूप में श्रीराम, भगवान शंकर सती को कथा सुनाते हुए, हिमालय पर्वत पर शंकर जी सती के साथ त्रेतायुग में, शिव जी औघड़ के रूप में तपस्यारत, भगवान शिव की 1000 वर्षों की तपस्या, श्री राम जी के दिव्य स्वरूप का दर्शन पाने के लिए, शिवजी की आराधना करते श्री रामचंद्र जी, भक्त हनुमान, राम विवाह में शिव जी का आगमन , बारातियों को देखकर घोड़े का बिदकना, राम दरबार और तुलसीदास रामचरितमानस लिखते हुए का कैनवास पर खास चित्रण रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में मुख्य आकर्षण बना रहा। इस विशाल आकार का इन विषयों पर चित्र बनाने की पूरी परिकल्पना राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी और प्रमुख सचिव संस्कृति, मुकेश मेश्राम की रही। शिविर में डॉ लवकुश द्विवेदी और जाने माने चित्रकार और कला समीक्षक डॉ अवधेश मिश्र की अहम भूमिका रही।

कलाकारों में सुमित कुमार, युगेश रवि, आकाश गुप्ता, सुरेश कुमार,सीमा गुप्ता, प्रियतम कुमार, मन्नू प्रसाद, निखिलेश, आजाद कपूर और शालिनी कश्यप थे।

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