-फास्ट ट्रैक कोर्ट में सपा विधायक के मुकदमों की सुनवाई के लिए पुलिस ने किया आवेदन
कानपुर (हि.स.)। सीसामऊ विधानसभा से सपा विधायक इरफान सोलंकी को कानपुर जेल से महाराजगंज जेल भेज दिया गया है। विधायक पर जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है उसके तहत दो, सात, 10 और आजीवन कारावास तक हो सकती है। इसके साथ ही पुलिस ने विधायक के मुकदमों की सुनवाई फास्ट ट्रैक में कराने के लिए आवेदन भी कर दिया है। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है कि अगर फास्ट ट्रैक में सुनवाई होती है तो जल्द विधायक को सजा हो सकती है। सजा दो साल से अधिक मिली तो उप चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा और भाजपा रामपुर की तरह सीसामऊ सीट पर भी कमल खिलाने का भरपूर प्रयास करेगी।
सीसामऊ सीट से सपा विधायक इरफान सोलंकी की जनता के बीच अच्छी पकड़ है, इसीलिए मोदी लहर में वह जीतते रहे और लगातार चौथी बार 2022 में विधायक बने। इसके पहले तीन बार उनके पिता हाजी मुश्ताक सोलंकी भी सपा से विधायक रह चुके हैं। इस प्रकार लंबे समय से लगातार विधायकी पिता और पुत्र के बीच रही। इस सीट पर भाजपा ने मोदी लहर में जबरदस्त प्रयोग किए लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन अब जिस तरह से इरफान सोलंकी तमाम मुकदमों में जेल गये और उन मुकदमों में जो धाराएं लगी हैं उससे राजनीतिक गलियारों में उप चुनाव को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विधायक इरफान के खिलाफ जिन धाराओं पर मुकदमा दर्ज है उनमें दो, सात, 10 और आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। उप चुनाव को लेकर हो रही चर्चाओं में बल तब और मिल गया जब पुलिस ने जिला जज की कोर्ट में आवेदन कर दिया कि विधायक के सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक में होनी चाहिये।
फास्ट ट्रैक में निश्चित समय में मुकदमों का होता है निस्तारण
फास्ट ट्रैक में मुकदमों की सुनवाई और निस्तारण के लिए पूरी समय सारिणी पहले से तैयार हो जाती है और मियाद पूरी होने से पहले मुकदमे का निस्तारण कर लिया जाता है। पुलिस ने जिस तरह से विधायक से जुड़े मुकदमों की सुनवाई के लिए जिला जज की कोर्ट में आवेदन किया है कि फास्ट ट्रैक में सुनवाई होनी चाहिये उससे संभावना बढ़ गई है कि विधायक को जल्द सजा हो सकती है।
अधिवक्ता अखिलेश सिंह का कहना है कि पुलिस जिस तरह से तेजी दिखा रही है और मुकदमों की सुनवाई फास्ट ट्रैक में हो गई तो एक साल के अंदर फैसला आ जाएगा। यह भी बताया कि जिन धाराओं पर विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और पुलिस ने कोर्ट में साक्ष्य मजबूत पेश कर दिया तो उससे पूरी संभावना है कि विधायक को दो साल से अधिक की सजा हो सकती है। इससे उप चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा।
खिल सकता है कमल!
सीसामऊ सीट वैसे तो सपा के लिए मुफीद मानी जाती है, लेकिन मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी का ही रहता है। यही नहीं मोदी लहर में हार जीत का अंतर भी बहुत अधिक नहीं रहा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद इस क्षेत्र के कई नामचीन मुस्लिम नेता जो दूसरी पार्टियों में थे वह भाजपा में आ गये। इससे भाजपा को मजबूती मिल गई और विधायक इरफान के करीबियों पर जिस तरह से पुलिस ने शिकंजा कसा है उससे भी सपा समर्थकों में मायूसी है। ऐसे में अगर उप चुनाव होता है तो भाजपा हर संभव प्रयास करेगी कि सपा के दिग्गज नेता आजम खान की रामपुर सीट की तरह सीसामऊ सीट पर भी कमल खिलेगा।
अजय सिंह
