Thursday, March 26, 2026
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राज्यपाल-मुख्यमंत्री ने ‘सुपोषित’ यूपी को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया

-प्रदेश में चौथे राष्ट्रीय पोषण माह-2021 का शुभारंभ, बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रहीं मौजूद

लखनऊ (हि.स.)। मां कुपोषित है तो बच्चा कभी सुपोषित नहीं हो सकता। मां के साथ बच्चों पर भी ध्यान देना होगा। इस अभियान को जनआंदोलन बनाना होगा। जन-जन को इसमें लगना होगा। कोई भी देश या राष्ट्र तब तक समृद्ध और मजबूत नहीं बन सकता है जब तक राष्ट्र की आधारशिला मजबूत नहीं होगी।

यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोकभवन में चौथे राष्ट्रीय पोषण माह-2021 के शुभारंभ अवसर पर कही। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी कुपोषण मुक्त यूपी बनाने के लिए अभियान में विभाग के अधिकारियों के साथ जनता से जुड़ने की अपील की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने कुपोषित बच्चों के सुनहरे भविष्य के सपनों को साकार करने के लिए पोषण माह की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान तक मां स्वस्थ हो और बच्चा स्वस्थ हो, इसपर बल देना होगा। राज्य मंत्री स्वाति सिंह के स्वागत भाषण के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गोद भराई कार्ड ‘शगुन’ का विमोचन किया। पांच गर्भवती महिलाओं को मंच पर यह कार्ड भेंट कर इस रस्म को निभाकर अभियान का शुभारम्भ किया। चुनरी पहनाई और पोषण के लिए उपयोगी वस्तुओं की टोकरी भेंट की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस अभियान से हर भारतवासी को जुड़ना चाहिये। यह पूरे राष्ट्र के लिए एक चैलेंज है। उन्होंने कहा कि तीन सालों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसलिए हमने चार श्रेणियों में पोषण माह को विभाजित किया है। इसमें पहले सप्ताह में पोषण वाटिका पर पौधाकरण, दूसरे सप्ताह में आंगनबाड़ी लाभार्थियों को पोषण किट वितरण, तीसरे सप्ताह में योग और आयुष और चौथे सप्ताह में सैम बच्चों की पहचान, उनके लिए सामुदायिक रसोई का निर्माण का विशेष अभियान प्रदेश में चलाया जाएगा।

2020 में हमने आंगनबाड़ी को बेसिक शिक्षा के विद्यालयों से जोड़कर प्री-प्राइमरी के रूप में स्थापित करने की कार्ययोजना बनाई थी जो कोरोना के कारण मूर्तरूप नहीं ले पाई है। उन्होंने कहा कि जल्द इसको भी शुरू कराया जाएगा। जहां तीन से पांच आयु वर्ग के बच्चे पोषण के साथ शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे।

25 हजार कुपोषित मां को गाय उपलबध कराई: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में छह लाख गोवंश हैं। इनमें बहुत सी गाय दूध देने वाली हैं। 50 ग्राम दूध सुबह और 50 ग्राम दूध शाम को मिल जाए तो कृपोषित मां और बच्चों के लिए अमृत हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी निराश्रित गौ-आश्रय स्थलों से 25 हजार कुपोषित मां को गाय उपलबध कराई है। गाय के पालन पोषण के लिए हर माह उस परिवार को 900 रुपये भी दिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में भूमि के छोटे-छोटे पट्टे देकर और गाय देने की योजना जो पहले संचालित है उसको बढ़ाकर अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं।

जनता को जोड़कर गांव-गांव को बना सकते कुपोषण मुक्त गांव: राज्यपाल

राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की कुपोषण को समाप्त करने की योजनाओं से जनता को जुड़ने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि गांव में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एक-एक कुपोषित बच्चे को गोद ले सकती हैं। यही काम अधिकारी भी कर सकते हैं। इससे बड़ा परिवर्तन आएगा।

नए ग्राम प्रधानों को इस बात के लिए प्रेरित करने की जरूरत है कि वो अपने गांव को कुपोषण मुक्त, कोरोना मुक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारी जब तक जिलों और ब्लाकों में प्रवास नहीं करेंगे। वहां की आंगनबाड़ी में औचक निरीक्षण नहीं करेंगे तब तक परिणाम सामने नहीं आएगा। इस अवसर पर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और आशा बहुएं भी मौजूद रहीं।

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