दूसरों की जीवन रक्षा के लिए करें रक्तदान एवं अंगदान
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘विश्व एड्स दिवस’ के अवसर पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा आयोजित ‘रक्तदान एवं एड्स जागरूकता रैली’ को झण्डी दिखाकर राजभवन से शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रतिवर्ष लाखों लोगों की मृत्यु एड्स और अनेक प्रकार के संक्रामक रोगों से हो जाती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दिशा में एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।
कहा कि किसी भी रोग से समाज को मुक्ति दिलाने के लिए यह जरूरी है कि समय रहते बीमारी से संबंधित जांच करवाकर उचित दिशा में इलाज की शुरुआत की जाये। इसके लिए जरूरी है कि चिकित्सालय के सभी विभाग रोगियों के उपचार हेतु एक दूसरे का सहयोग करें, तभी सार्थक परिणाम सामने आयेंगे।
राज्यपाल ने युवाओं से किसी भी प्रकार का नशा न करने की अपील करते हुए कहा कि उनको इस बात पर विचार करना चाहिए कि उन्हें किसी भी ऐसे पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए, जिससे उनके या उनके परिवार के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
बीमारी में इलाज से ज्यादा बचाव का महत्व : सुरेश खन्ना
रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि किसी भी बीमारी से समाज को बचाने के लिए उससे बचाव का महत्व इलाज से ज्यादा है। एड्स जैसी भयावह बीमारी के संक्रमण को जागरूकता के माध्यम से ही कम करने पर हमें सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि अपने परिवार से मिले संस्कारों का हमें पालन करना चाहिए और उसी के अनुरूप व्यवहार भी करना चाहिए।
केजीएमयू लखनऊ के कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने राज्यपाल तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर केजीएमयू, लखनऊ के प्रयासों से एड्स संक्रमण से बचाये गये बच्चों को राज्यपाल ने उपहार दिया। रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु पुलिस कमिश्नर लखनऊ डीके ठाकुर, सचिन त्रिपाठी एवं विवेक सक्सेना को राज्यपाल ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा जी.एस. प्रियदर्शी, केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. तूलिका चन्द्रा सहित अन्य चिकित्सक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान पर विश्वविद्यालय द्वारा नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया।
