लखनऊ (हि.स.)। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचन्द्र के नाम पर करना राजीव गांधी के शहादत का अपमान करना है। भारत सरकार मेजर ध्यानचन्द्र के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाओं की घोषणा करती, पूरा देश स्वागत करता। ये बातें उप्र कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कृष्ण कान्त पाण्डेय ने कही।
उन्होंने कहा कि महान राजनेता स्वर्गीय राजीव गांधी महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचन्द्र दोनों ही उत्तर प्रदेश से आते हैं। दोनों का राष्ट्रीय, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा नाम एवं कद है। मेजर ध्यानचन्द्र का सम्मान बढ़ाने के लिए सरकार की मंशा साफ होती तो उनके नाम पर बड़े-बड़े प्रतिष्ठान, संस्थान खोलकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा सकता था, लेकिन ऐसा न कर सरकार ने अपने घृणित मानसिकता को दर्शाया है।
प्रवक्ता ने कहा कि क्रिकेट का सबसे बड़ा स्टेडियम अहमदाबाद का नाम सरदार पटेल से उद्घाटन के एक दिन पूर्व मोदी स्टेडियम कर दिया जाता है। स्टेडियम का नाम बदल जाने से कोई सरदार पटेल नहीं हो जायेगा। देश के लिए किसका कितना योगदान है, उसे कभी न इतिहास भुला पायेगा और न देशवासी भुला पायेंगे। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का खेल से अविस्मरणीय नाता रहा है।
