Saturday, February 14, 2026
Homeउत्तर प्रदेशराजस्व विभाग के अधिकारी गांवों में वरासत अभियान का मौके पर जाकर...

राजस्व विभाग के अधिकारी गांवों में वरासत अभियान का मौके पर जाकर करें सत्यापन : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को गांवों में वरासत अभियान का मौके पर सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी वरासत अभियान के तहत निर्विवाद उत्तराधिकार को खतौनियों में दर्ज किए जाने की रैण्डम आधार पर पड़ताल करें। उन्होंने प्रदेश में वरासत अभियान को पूरी गति से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को यहां लोक भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि भीषण ठण्ड के दृष्टिगत रैनबसेरों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए। रैनबसेरों में स्वच्छता एवं सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध करते हुए कोविड-19 से बचाव की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने शहरी व ग्रामीण इलाकों के प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने तथा जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किए जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने दैवीय आपदाओं से होने वाली हानि को न्यूनतम करने के लिए लोगों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के सम्बन्ध में जागरूक किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न आपदाओं से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए इन क्षेत्रों की जनता को जागरूक किया जाए। साथ ही, लोगों को आपदा से बचाव के उपायों के सम्बन्ध में प्रशिक्षित भी किया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के भवन निर्माण के लिए तेजी से कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्राधिकरण को अपने कार्य बेहतर ढंग से संचालित करने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि की व्यवस्था के कार्य को शीघ्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया जाना है। इसलिए भूमि की व्यवस्था के लिए समस्त कार्यवाही समयबद्ध ढंग से प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएनए जांच के लिए प्रदेश में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना से वैज्ञानिक ढंग से विवेचना कार्य सुगम होगा। अपराध से जुड़े साक्ष्यों के सम्बन्ध में सटीक जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।
 
Submitted By: Sanjay Singh Fartyal Edited By: Deepak Yadav

RELATED ARTICLES

Most Popular