Sunday, April 12, 2026
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राजभाषा के प्रचार प्रसार में उठाये जाएं ठोस कदम : प्रो. एस गणेश

कानपुर(हि.स.)। नगर राजभाषा कार्यान्वय समिति से जुड़े सभी 45 केन्द्रीय कार्यालय हिंदी को प्रमुखता दें। इसके साथ ही राजभाषा के प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। यह बातें आईआईटी के उप निदेशक प्रोफेसर एस गणेश ने कही।

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति कार्यालय-3 की तीसरी बैठक का आयोजन किया गया। इस समिति के प्रमुख आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर हैं। समिति के साथ कानपुर शहर स्थित केन्द्र सरकार के 45 कार्यालयों को जोड़ा गया है। इन सभी कार्यालयों में राजभाषा के कार्यान्वयन एवं प्रगति की निगरानी का उत्तरदायित्व आईआईटी कानपुर के पास है। समिति की तीसरी बैठक की अध्यक्षता संस्थान के उप-निदेशक प्रोफेसर एस. गणेश ने की।

समिति के सदस्य सचिव डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने सदस्य कार्यालयों से प्राप्त छमाही रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सभी कार्यालय प्रमुखों से रिपोर्ट भरते समय राजभाषा नियमों/अधिनियमों के उल्लंघन से बचने की सलाह दी। तथा छमाही रिपोर्ट में आंकड़े स्पष्ट रूप से भरने तथा रिपोर्ट की हर मद को गंभीरता से लेने का आह्वान किया, ताकि संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षणों के दौरान किसी भी प्रकार की असहज स्थिति/आपत्तियों से बचा जा सके।

गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (उत्तरी क्षेत्र-2) गाजियाबाद के सहायक निदेशक निर्मल कुमार दुबे भी इस बैठक में ऑनलाइन जुड़े तथा उपस्थित सभी कार्यालय प्रमुखों से राजभाषा नियमों/अधिनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने राजभाषा संबंधी नियमों/अधिनियमों की विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध कराते हुए सभी कार्यालयों से छमाही बैठकें एवं कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित करने का आह्वान भी किया। कुलसचिव कृष्ण कुमार तिवारी ने बैठक में उपस्थित सभी कार्यालय प्रमुखों एवं अन्य अधिकारीगणों का स्वागत करते हुए बैठक में उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया।

अजय/मोहित

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