बलिया(हि. स.)। वाराणसी स्थित राज नारायण पार्क का नाम बदल कर बेनियाबाग कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। सपा नेताओं ने मांग की कि स्वर्गीय राजनारायण ने देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आपातकाल की लड़ाई में भी अगली कतार में रहकर नेतृत्व किया। बेनियाबाग में गुलामी के प्रतीक के रूप में स्थित महारानी विक्टोरिया के मूर्ति को तोड़कर पूर्वांचल में स्वाधीनता की मसाल प्रज्वलित की थी। उस राज नारायण के नाम को हटाकर भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास को एवं आंदोलनकारियों के नाम को मिटाने का कुचक्र रचा है। जिसे हम समाजवादी कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर आवश्यकता पड़ी तो सड़क पर उतर के जोरदार विरोध करेंगे।
जिलाधिकारी कार्यालय पर पत्रक देने के लिए उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि यह भाजपा सरकार आजादी के महानायक के नाम को कमतर कर के और स्मृति स्थानों को बदल के अपने तरीके से इतिहास लिखना चाहती है, जबकि हकीकत है कि भाजपा के विचारधारा के लोग आजादी की लड़ाई में भी अंग्रेजों के साथ मिलकर आंदोलनकारियों का भेद बताने का काम करते थे। आज वर्तमान शासन ऐसे ही लोगों का महिमामंडन करने की कोशिश कर रहा है जिसका समाजवादी जमकर विरोध करेंगे। वहीं, समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हाजी ने कहा कि इतिहास को तोड़ने और मरोड़ने से इतिहास में लिखी हुई बातों को नहीं मिटाया जा सकता। पूरा देश जानता है कि देश की आजादी की लड़ाई और आपातकाल के समय राज नारायण जी ने तत्कालीन राजसत्ता को कोर्ट के साथ-साथ वोट से भी हराया था तब जाकर के इस देश में लोकतंत्र की नीव मजबूत हुई।
इस अवसर पर अजय यादव, सुशील कुमार पाण्डेय कान्हाजी, जमाल आलम, आशुतोष ओझा, मृत्युंजय राय, जलालुद्दीन जेडी, रोहित चौबे, कृष्णा यादव प्रधान, राकेश यादव, प्रेम शंकर चतुर्वेदी, हरिशंकर राय, अजय राय, विजय शंकर यादव, अजीत यादव, कृष्णा यादव, रामजी यादव, प्रियांशु तिवारी और लक्षमण राय आदि रहे।
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