– भौजाई बोली नहीं पड़ेगा फर्क तो ननद कहिन महंगाई डायन खाये जात
लखनऊ (हि.स.)। रसोई गैस सिलेंडर के दाम में शनिवार को 50 रुपये का इजाफा हुआ है। इसकी वजह से निम्न व मध्यम आय वर्ग के लोगों का घरेलू बजट बिगड़ गया। सिलेंडर के बढ़े दाम को लेकर रविवार को गृहणियों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है।
तेल, रिफाइंड और खाद्य पदार्थों पर बढ़ रही लगातार महंगाई से लोग पहले ही जूझ रहे हैं। अब जब शनिवार को अचानक रसोई गैस सिलेंडर के दाम में एकमुश्त 50 रुपये बढ़ाये जाने से लोगों में काफी नाराजगी दिख रही है।
लखनऊ के पंतनगर में रहने वाली रेनू अवस्थी का कहना है कि एकमुश्त 50 रुपये प्रति रसोई गैस सिलेंडर में दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिसकी वजह से उनके घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। उनका कहना है कि तमाम निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
मड़ियाव निवासी प्रियंका का कहना है कि अगर सिलेंडर के दाम बढ़ रहे हैं तो सरकार को फिर पर्याप्त सब्सिडी देने का निर्णय भी लेना होगा। ताकि निम्न और मध्यम परिवार को राहत मिल सके। नाका क्षेत्र की रहने वाली महिला नेहा का कहना है कि पहले से ही खाद्य पदार्थ के दाम बढ़ने से किचन का बजट बिगड़ा हुआ है। अब अचानक सिलेंडर के बढ़े दाम से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस कमरतोड़ महंगाई में घर का खर्च पूरा करना बेहद मुश्किल होने लगा है।
आमने-सामने हुई ननद भौजाई
रसोई गैस सिलेंडर के बढ़े दाम को लेकर आशियाना की रहने वाली आशा शुक्ला ने कहा कि उनके नजरिए से देखा जाये तो रसोई बजट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि पहले जो नीबू पांच के तीन बिकते थे और आज 10 से 15 रुपये का एक बिक रहा है। खाने वाले नीबू ले रहे हैं। हिन्दूत्व की ओर इशारा करते हुए आशा ने कहा कि सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। जरुरतमंदों को पांच किलो राशन, किसानों को भी बेहतर सुविधाएं प्रदान कर रही है। वहीं, आशा की ननद सपना पाण्डेय का कहना है कि सरकार को महंगाई कम करने के उपाय करने चाहिए। पति की इतनी आमदनी नहीं है, जिससे घर का खर्च चलाया जा सके। हमें जो खर्च मिलता है उसी में कटौती करके वे अपना परिवार चला रही हैं।
दीपक
